
नई दिल्ली: नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई पर आज फैसला आ सकता है। दोनों की रिहाई को लेकर मंदिर मार्ग स्थित SEM कोर्ट में याचिका दायर की गई है। फिलहाल दोनों नेता पांच दिन की न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। मामला 13 अक्टूबर का है। पुलिस के मुताबिक सौरव दास, आशुतोष रांका और उनके साथी अजिंक्य शिंदे अपने 11 समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे। आरोप है कि ये लोग बिना इजाजत एक प्राइवेट परिसर की दीवार और गेट फांदकर अंदर दाखिल हुए। जंतर-मंतर को फिलहाल तय प्रदर्शन स्थलों की लिस्ट से हटा दिया गया है, इसके बावजूद ये लोग वहां पहुंचे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
14 लोगों को हिरासत में लिया
पुलिस ने मौके पर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों के काम में बाधा डाली। इसके बाद सभी 14 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे के खिलाफ जबरन प्रवेश, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, शांति भंग करने और लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया।
बाद में तीनों को SEM कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की जेल भेज दिया। जबकि उनके सहयोगी अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये के निजी मुचलके और छह महीने तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा कर दिया गया था।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा कि 13 अक्टूबर की सुबह CJP के नेता और कार्यकर्ता प्रतिबंधित जगह पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उन्हें रोकने पर उन्होंने पुलिस के काम में बाधा डाली, जिसके चलते एहतियातन गिरफ्तारी करनी पड़ी।
अभिजीत दिपके को मिली जमानत
वहीं CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को SEM कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें कनॉट प्लेस में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने उनके खिलाफ BNSS की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग का नया मामला दर्ज किया था। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था, जब वे CJP के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। तब उनसे एक साल तक शांति बनाए रखने का बॉंड भरवाया गया था।












