कहीं प्रेम प्रसंग में कत्ल, कहीं रंगदारी के लिए गोलियां! दिल्ली पुलिस ने खोली दो संगीन वारदातों की परतें

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नई दिल्ली: राजधानी में अपराधियों ने कहीं निजी संबंधों के विवाद में हत्या की कथित साजिश रची, तो कहीं कारोबारी को गोलियों की आवाज से दहशत में डालकर रंगदारी वसूलने का खेल खेला। लेकिन दिल्ली पुलिस ने जांच का शिकंजा कसते हुए उत्तर-पूर्वी जिले में दो सनसनीखेज वारदातों का खुलासा किया है। सोनिया विहार में युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार अथवा पकड़ा गया है जिनमें दो विधि विवादित किशोर शामिल हैं। वहीं न्यू उस्मानपुर में कारोबारी के घर के बाहर गोली चलाने और धमकी देकर रकम मांगने के मामले में चार आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं।

रिश्तों की उलझन से हत्या की साजिश तक!

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान ज्वाइंट सीपी ईस्टन रेंज मिलिंद महादेव डुम्बरे ने बताया कि 13 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:10 बजे सोनिया विहार के साढ़े चार पुश्ते पर मनीष यादव (34) को सिर में गोली मार दी गई थी। उन्हें पड़ोसी सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर ले गए जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शुरुआती सूचना में हेलमेट पहने मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों की बात सामने आई। सोनिया विहार थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/3(5) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

200 कैमरों की पड़ताल से खुली निजी रंजिश की परतें

जांच के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। गवाहों के बयानों तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के बाद कथित साजिश की परतें खुलने लगीं। पुलिस का आरोप है कि उमेश मौर्य उर्फ मयंक, विवेक सिंह और उनके सहयोगियों ने मनीष की हत्या की योजना बनाई थी। जांच में निजी संबंधों और उमेश के वैवाहिक विवाद को भी संभावित कारण के रूप में सामने रखा गया है।

दो लाख की सुपारी देकर नाबालिगों से कराई हत्या

पुलिस के मुताबिक हत्या के लिए दो विधि विवादित किशोरों को कथित तौर पर दो लाख रुपये देने का वादा किया गया था। हथियार और कारतूस जुटाए गए तथा मोटरसाइकिल की व्यवस्था की गई। आरोप है कि मनीष को रुपये लौटाने के बहाने घर से बाहर बुलाया गया और दोनों किशोरों ने उन पर गोली चला दी। तीसरी गोली चलाने का प्रयास कथित तौर पर सफल नहीं हुआ और हमलावर मोटरसाइकिल से फरार हो गए।

हत्या में शामिल पांच आरोपी और दो नाबालिग दबोचे गए

इस मामले में विवेक सिंह उमेश मौर्य, आनंद, नितिन उर्फ नरेंद्र, भीम सिंह और दो विधि विवादित किशोरों को पकड़ा गया है। पुलिस ने एक अर्द्ध-स्वचालित पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद करने की जानकारी दी है। भीम सिंह पर कथित तौर पर हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

कारोबारी के घर फायरिंग, फिर रंगदारी की धमकी!

दूसरी वारदात 15 अक्टूबर की रात करीब 12:55 बजे न्यू उस्मानपुर के पहले पुश्ते की गली नंबर नौ में हुई। गांधी नगर कपड़ा बाजार में टी-शर्ट का थोक कारोबार करने वाले एक व्यापारी ने पुलिस को बताया कि उनके घर के मुख्य द्वार पर गोली चलाई गई। घर के सीसीटीवी में मोटरसाइकिल सवार दो नकाबपोश संदिग्ध दिखाई दिए। आरोप है कि पीछे बैठे व्यक्ति ने परिसर में एक वस्तु फेंकी और मुख्य द्वार पर गोली चलाकर फरार हो गया। घटनास्थल के पास धमकी भरी पर्ची भी मिली। व्यापारी ने विदेशी फोन नंबर से रंगदारी मांगने की शिकायत की।

मास्टरजी गैंग के चार गुर्गे गिरफ्तार, मोबाइल बरामद

पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी निगरानी के दौरान मोंटी की भूमिका संदिग्ध नजर आई। जांच में यह भी सामने आया कि आकाश उर्फ वीरू ने व्यापारी से मामले को लाखों रुपये में निपटाने की पेशकश की थी। पुलिस का आरोप है कि एकांत भाटी उर्फ संजू भाटी उर्फ मास्टरजी ने मोंटी आकाश और आशीष डेढ़ा के साथ मिलकर कारोबारी को डराने और उससे रकम वसूलने की कथित साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के लिए दो निशानेबाजों को कथित तौर पर काम सौंपा गया था। इस मामले में एकांत भाटी आकाश उर्फ वीरू मोंटी और आशीष डेढ़ा को गिरफ्तार किया गया है। तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य होने की बात कही गई है। कथित निशानेबाजों सहित अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त पूर्वी परिक्षेत्र मिलिंद महादेव डुम्बरे ने कार्रवाई और जांच से संबंधित जानकारी दी। पुलिस द्वारा उपलब्ध विवरण के अनुसार उत्तर-पूर्वी जिले के उपायुक्त राहुल अलवाल की निगरानी तथा अतिरिक्त उपायुक्त संदीप लांबा की देखरेख में संबंधित सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारियों और विशेष स्टाफ की टीमों ने दोनों मामलों की जांच की।

सोनिया विहार मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम

सोनिया विहार मामले में सहायक पुलिस आयुक्त यतिन शर्मा के नेतृत्व में निरीक्षक प्रफुल्ल कुमार झा, थाना प्रभारी सोनिया विहार निरीक्षक दीपक पांडेय, प्रभारी एएटीएस, निरीक्षक दीपक वर्मा, सहायक थाना अधिकारी, उपनिरीक्षक अभिमन्यु नैन, हेड कांस्टेबल सचिन, विनोद और दीपक तथा कांस्टेबल मिलन, विशाल और आजाद सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे।

न्यू उस्मानपुर मामले में त्वरित एक्शन और आगे की जांच

न्यू उस्मानपुर मामले में सहायक पुलिस आयुक्त सुशील कुमार के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक सूर्या प्रकाश, उपनिरीक्षक सुमित, उपनिरीक्षक उदित, सहायक उपनिरीक्षक अभिमन्यु राठी, हेड कांस्टेबल निरंजन, लोकेंद्र और दीपक तथा उत्तर-पूर्वी जिले के विशेष स्टाफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस का संदेश साफ साजिश कितनी भी गहरी हो कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं! दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है। आरोपितों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगी।

 

Reported By: Pankaj Rai

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