
नई दिल्ली: कन्या पूजन में हलवा पूरी से साथ साथ काले चने का प्रशाद बहुत जरुरी होता हैं। लेकिन कई महिलाओं को शिकायत होती है कि चने उबालने पर या तो कच्चे रह जाते है या फिर ज्यादा गल कर टूट जाते हैं, या फिर सूखे-सूखे लगते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो ये सीक्रेट ट्रिक नोट कर लीजिये। इससे बिना सोडा के चने रुई जैसे नरम बनेंगे।
नवरात्रि की अष्टमी कल है और उसके एक दिन बाद नवमी। नवरात्र का समापन कन्या पूजन से होता है। इस दिन माता रानी के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में घर बुलाई गई छोटी कन्याओं को हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद खिलाया जाता है।
जरूरी सामग्री
एक कप काले चने (रातभर या 7-8 घंटे भीगे हुए), 2-3 बड़े चम्मच देसी घी, आधा छोटा चम्मच हींग, एक छोटा चम्मच जीरा, एक छोटा चम्मच कद्दूकस अदरक और 2 हरी मिर्च लें। मसालों में एक बड़ा चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच हल्दी, एक छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च, आधा छोटा चम्मच अमचूर या चाट मसाला, आधा छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर और आधा छोटा चम्मच गरम मसाला चाहिए। साथ में सादा नमक, काला नमक और बारीक कटा हरा धनिया भी रखें।
बनाने का सही तरीका
भीगे चनों को धोकर कुकर में डालें। इसमें दो कप पानी, थोड़ा नमक और एक छोटा चम्मच घी मिलाएं। घी डालने से चने अंदर तक नरम उबलते हैं। ढक्कन बंद करके मध्यम आंच पर 4-5 सीटी आने तक पकाएं और प्रेशर अपने आप निकलने दें। एक छोटी कटोरी में धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च, अमचूर, भुना जीरा, गरम मसाला और थोड़ा काला नमक निकालें। इसमें 3-4 चम्मच पानी डालकर गाढ़ा घोल बना लें। सूखे मसाले सीधे तेल में डालने से जल सकते हैं, जबकि घोल बनाने से वे चनों पर अच्छी तरह लिपटते हैं।
कड़ाही में दो चम्मच घी गर्म करें। इसमें जीरा, हींग, अदरक और हरी मिर्च डालकर करीब 20 सेकंड भूनें। अब तैयार घोल कड़ाही में डालें और धीमी आंच पर तब तक भूनें, जब तक मसाले से घी अलग न होने लगे। उबले हुए चने कड़ाही में डालें। कुकर में बचा थोड़ा सा चने का पानी भी साथ में डाल दें। इसे फेंकें नहीं, क्योंकि यही पानी मसालों को चनों पर चिपकाता है और उन्हें रसीला बनाता है। कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर 3-4 मिनट पकाएं, जब तक पानी सूख न जाए और मसाले चनों पर अच्छे से लिपट न जाएं। ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं।












