ज्ञानेश कुमार की बढ़ेंगी मुश्किले? जानिए विपक्षी गठबंधन कब और कैसे करेगा अगला बड़ा प्रदर्शन

0
7

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA नवंबर में विरोध प्रदर्शन का दूसरा चरण शुरू करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली के बाद आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। विपक्षी दलों के नेता इस समय आंदोलन की अगली रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विचार किए जा रहे विकल्पों में दिल्ली में एक बार फिर बड़ा मार्च निकालने से लेकर मॉक संसद के आयोजन तक के प्रस्ताव शामिल हैं।

मॉक संसद और मार्च का प्रस्ताव

सीपीएम महासचिव एमए बेबी ने कहा कि कई विकल्पों पर चर्चा चल रही है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में मध्य दिल्ली में निकाले गए मार्च को मिली प्रतिक्रिया के बाद कुछ नेता उसी तर्ज पर फिर से बड़ा प्रदर्शन करने के पक्ष में हैं। दूसरा प्रस्ताव मॉक संसद आयोजित करने का है, जिसमें चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया का प्रतीकात्मक मंचन किया जाएगा। इसमें कानून के जानकारों और पूर्व न्यायाधीशों को बुलाने की योजना है, जहां एक पक्ष आरोप रखेगा और दूसरा पक्ष जवाब देगा।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा विरोध: कांग्रेस 

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन शीर्ष स्तर पर तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा। बता दें, 9 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी।

इसके साथ ही 2023 के उस कानून को वापस लेने की मांग भी रखी गई थी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों को कार्यकाल के बाद सुरक्षा दी गई है। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने और कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की भी मांग की थी।इसके बाद विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि एसआईआर के दौरान चुनाव आयोग की सामूहिक शक्तियों का एकतरफा इस्तेमाल किया गया। याचिका में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मताधिकार की सुरक्षा की मांग की गई है।

समन्वय समिति बनाएगा INDIA गठबंधन

अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में मध्य दिल्ली में हुए विपक्षी मार्च में हजारों कार्यकर्ताओं और छात्रों ने हिस्सा लिया था। नवरात्र और दुर्गा पूजा के कारण आंदोलन में कुछ दिनों का विराम आया था। अब 1 नवंबर की रैली के बाद समन्वय समिति बनाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी, जिसमें छात्र और नागरिक समाज के संगठन भी शामिल होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here