नई दिल्ली: बेंगलुरु की भीड़भाड़ भरी सड़कों पर एक रैपिडो ऑटो तेजी से गुजरता है। स्टीयरिंग थामे महिला को देखकर कोई सोच भी नहीं सकता कि यह कभी आईटी सेक्टर में काम कर चुकी हैं। लेकिन जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया कि उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर खुद अपनी शर्तों पर जीना चुन लिया, और अब उनकी यह कहानी सोशल मीडिया पर लाखों दिलों को छू रही है।
कंटेंट क्रिएटर तन्वी की मुलाकात इस महिला से उस वक्त हुई, जब वे रैपिडो ऑटो से सफर कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि ऑटो चला रही महिला पहले आईटी इंडस्ट्री में काम करती थीं। इस दिलचस्प बातचीत को तन्वी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
पिता के निधन ने बदल दी जिंदगी
महिला ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद उनकी पूरी दुनिया बदल गई। वे नाइट शिफ्ट में काम करती थीं और साथ ही मां की देखभाल की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर आ गई। ऐसे में नौकरी और घर के बीच तालमेल बिठाना उनके लिए बेहद मुश्किल होता जा रहा था। आखिरकार उन्होंने आईटी की नौकरी छोड़ने और करियर में बड़ा बदलाव लाने का फैसला किया।
परिवार के विरोध के बावजूद उठाया कदम
ऑटो चलाने का फैसला उनके लिए कोई सामान्य फैसला नहीं था। शुरुआत में परिवार वाले भी इसके खिलाफ थे, लेकिन उन्होंने अपने आप पर भरोसा रखा और इस राह पर आगे बढ़ गईं। आज उनका यह फैसला उम्मीद से कहीं बेहतर साबित हुआ है। महिला के मुताबिक अब उनकी कमाई पहले की आईटी नौकरी से भी ज्यादा है, साथ ही अपने समय पर उनका पूरा नियंत्रण है, जिससे वे मां के साथ भी अधिक वक्त बिता पाती हैं। हालांकि इस सफर में उन्हें लोगों की सोच का सामना भी करना पड़ता है। कई बार यात्री उनकी फर्राटेदार अंग्रेजी सुनकर हैरान रह जाते हैं और सवाल करने लगते हैं कि इतनी अच्छी अंग्रेजी बोलने वाली महिला आखिर ऑटो क्यों चला रही है।
सोशल मीडिया पर मिली भरपूर सराहना
तन्वी ने इस कहानी को साझा करते हुए लिखा कि इस महिला ने लोगों की परवाह करने के बजाय आजादी और आत्मनिर्भरता को चुना। उन्होंने इसे साहस की मिसाल बताते हुए कहा कि कभी-कभी अपने मन की सुनना और अपनी पसंद पर टिके रहना ही असली बहादुरी होती है। यह वीडियो अब तक 2.53 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है, और लोग इसे महिला की हिम्मत की मिसाल बताते हुए जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उन्हें ‘रियल क्वीन’ तक कह डाला।












