चोरों के नेटवर्क पर दिल्ली पुलिस का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 38 चोरी के दोपहिया बरामद

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नई दिल्ली: दिल्ली में दोपहिया वाहन चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ उत्तर जिला पुलिस की एएटीएस टीम ने बड़ा अभियान चलाते हुए वाहन चोरों के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। पांच अलग-अलग ऑपरेशनों में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के 38 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। इनमें 21 स्कूटी और 17 मोटरसाइकिल शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई से दिल्ली के अलग-अलग थानों में दर्ज वाहन चोरी के 41 मामलों का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों में चोरी के वाहनों को खरीदने वाले दो कथित रिसीवर भी शामिल हैं।

यह कार्रवाई किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रही। कहीं सीसीटीवी कैमरों की कड़ियां जोड़कर चोर तक पहुंचा गया, तो कहीं गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी ने पुलिस को अपराधियों के ठिकानों तक पहुंचाया। लगातार गश्त और जमीनी स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने चोरी के वाहनों की बरामदगी के साथ उनके खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया।

सीसीटीवी फुटेज से शुरू हुई चोरों की तलाश

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि जिले की एएटीएस टीम ने वाहन चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग इलाकों में सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाया गया और स्थानीय स्तर पर मुखबिरों से मिली सूचनाओं को तकनीकी जांच के साथ जोड़ा गया। इसी रणनीति के तहत पुलिस को एक के बाद एक सफलता मिली और चोरी के वाहनों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।

पुलिस की जांच में वजीराबाद, मुस्तफाबाद, इंद्रलोक, सराय रोहिल्ला, जामुना बाजार और यमुना खादर सहित विभिन्न इलाकों से जुड़े सुराग सामने आए। कार्रवाई के दौरान चोरी करने वालों के साथ कथित रूप से चोरी के वाहन खरीदने वाले लोगों पर भी शिकंजा कसा गया।

पहली कार्रवाई में तीन आरोपी पकड़े, चार वाहन बरामद

पहली कार्रवाई में पुलिस ने सराय रोहिल्ला थाना क्षेत्र से कथित वाहन चोर अनस को पकड़ा। इसके साथ ही चोरी के वाहनों के कथित खरीदार समीर मलिक और रहीश अहमद को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चार चोरी के वाहन बरामद किए। जांच के दौरान अनस की कथित संलिप्तता एक अन्य वाहन चोरी के मामले में भी सामने आई। इस कार्रवाई से कुल पांच मामलों का खुलासा हुआ।

वजीराबाद से मुस्तफाबाद तक सीसीटीवी ने खोली कड़ी

दूसरे मामले में 29 जून 2026 को वजीराबाद के रामघाट स्थित गली नंबर-दो से एक हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल चोरी हुई थी। पीड़ित मोहम्मद शाहिद खान ने एक जुलाई को इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। एएटीएस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो मोटरसाइकिल की आवाजाही के सुराग मुस्तफाबाद की ओर मिले। इसके बाद स्थानीय जानकारी और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने मुस्तफाबाद के नेहरू विहार निवासी समीर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसके कथित रूप से अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर छह चोरी के वाहन बरामद किए। एक अन्य चोरी के मामले से संबंध सामने आने के बाद इस कार्रवाई में कुल सात मामलों का खुलासा हुआ।

इंद्रलोक में पुलिस का शिकंजा, सात वाहन बरामद

तीसरी कार्रवाई में शास्त्री नगर से स्कूटी चोरी होने की शिकायत के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सुरागों की मदद से संदिग्ध की तलाश शुरू की। 28 सितंबर 2026 को दर्ज शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने इंद्रलोक–सराय रोहिल्ला इलाके से सावन उर्फ स्वान उर्फ परवेज आलम को गिरफ्तार किया। आरोपी की उम्र 24 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में अन्य वाहन चोरी की घटनाओं से उसके कथित संबंध सामने आए। उसकी निशानदेही पर सात चोरी के वाहन बरामद किए गए। इस कार्रवाई से विभिन्न थानों में दर्ज सात मामलों का खुलासा हुआ।

चोरी की फिराक में था आरोपी, पुलिस ने दबोचा

19 अक्टूबर को एएटीएस टीम को गुप्त सूचना मिली कि वाहन चोरी के एक मामले में वांछित मनोज कुमार उर्फ अंशु वजीराबाद थाना क्षेत्र में मौजूद है और कथित तौर पर वाहन चोरी करने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर नौ चोरी के वाहन बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ एक अन्य वाहन चोरी के मामले में भी तलाश थी। इस कार्रवाई से कुल दस मामलों का खुलासा हुआ।

गश्त के दौरान भी मिली बड़ी सफलता

इसी दिन एएटीएस की गश्ती टीमों ने जामुना बाजार, कश्मीरी गेट के निकट से पांच और सिग्नेचर ब्रिज के पास यमुना खादर इलाके से सात चोरी के वाहन बरामद किए। इन बरामदगियों के आधार पर वाहन चोरी के 12 मामलों का खुलासा हुआ। इस कार्रवाई ने दिखाया कि नियमित गश्त और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी अपराधियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

29 से अधिक थानों में दर्ज मामलों की जांच को मिली रफ्तार

पुलिस के अनुसार कुल 41 मामलों में सराय रोहिल्ला थाने के दस मामले शामिल हैं। इसके अलावा रूप नगर, सीलमपुर और पश्चिम विहार ईस्ट थानों के दो-दो मामले तथा कश्मीरी गेट, बुराड़ी, तिमारपुर, सदर बाजार, गुलाबी बाग, भजनपुरा, बुध विहार, अशोक विहार, नंद नगरी, सीमापुरी, डीबीजी रोड, नॉर्थ रोहिणी, करावल नगर, ओडीआरएस, खजूरी खास, समयपुर बादली, मानसरोवर पार्क, नबी करीम, लक्ष्मी नगर, आदर्श नगर, भलस्वा डेयरी, केशवपुरम, जीटीबी एन्क्लेव और राज पार्क सहित अन्य थानों के मामले भी शामिल हैं।

पुलिस टीम की रणनीति आई काम

पूरी कार्रवाई उत्तर जिला के पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट के नेतृत्व में की गई। अभियान की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त ऑपरेशंस उत्तर जिला विशेष धत्तरवाल और एएटीएस उत्तर के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार गुप्ता ने की। कार्रवाई में उपनिरीक्षक हीरा लाल, उपनिरीक्षक दिनेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक परविंदर, सहायक उपनिरीक्षक ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल रविंदर, हेड कांस्टेबल शक्ति, हेड कांस्टेबल आलोक, हेड कांस्टेबल राहुल, महिला हेड कांस्टेबल पूजा, कांस्टेबल नितेश, कांस्टेबल सुमीत, कांस्टेबल विक्रम और महिला कांस्टेबल रिचा शामिल रहे।

जांच अभी जारी नेटवर्क के बाकी चेहरों की तलाश

दिल्ली पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद वाहनों से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है। पुलिस अन्य संभावित सहयोगियों, चोरी के वाहनों के खरीदारों और वाहन के पुर्जों के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने कितने अन्य वाहनों को निशाना बनाया और चोरी की संपत्ति को किन माध्यमों से ठिकाने लगाया।

 

Reported By: pankaj rai

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