नई दिल्ली: फ्रांस में स्कूल सुधार और महंगाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन एक बार फिर तेज हो गए हैं। सरकार ने हालात बिगड़ने से रोकने के लिए देशभर में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। पिछले सप्ताहांत हुए प्रदर्शनों में लूटपाट, आगजनी और सरकारी इमारतों पर हमलों की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
सरकार का सख्त संदेश
गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि सुरक्षा ऑपरेशन में स्पेशल पुलिस यूनिट, हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद गाड़ियां, पुलिस डॉग और वॉटर कैनन को लगाया गया है। पेरिस में आतंकवाद रोधी गश्त करने वाले सेना के जवानों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। सरकार ने साफ कहा है कि हिंसा करने वालों से कोई समझौता नहीं होगा।
शनिवार को राजधानी पेरिस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की कॉल दी गई है। फ्रांस की मुख्य स्टूडेंट यूनियन UNEF और ट्रेड यूनियन CGT ने इसका आह्वान किया है। फ्रांसीसी मीडिया के मुताबिक इसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
ऑरलियन्स में फार-राइट के खिलाफ प्रदर्शन
वहीं, शनिवार को पेरिस के दक्षिण में स्थित ऑरलियन्स शहर में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। यहां प्रदर्शन फार-राइट के खिलाफ था, क्योंकि इसी दौरान मरीन ले पेन की पार्टी नेशनल रैली अपना दो दिवसीय सम्मेलन कर रही थी। यह आंदोलन पिछले महीने पेरिस के दक्षिण-पूर्व में एक स्कूल में कर्मचारियों की कमी के विरोध से शुरू हुआ था, जो अब राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। बेहतर स्कूल, ज्यादा फंड, शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग कर रहे छात्र और ज्यादा वेतन-पेंशन की मांग कर रहे कर्मचारी एक साथ आ गए हैं। यह प्रदर्शन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यकाल के अंतिम महीनों में बड़ी चुनौती बन गया है।
हिंसा और गिरफ्तारियों के बीच सरकार अलर्ट पर
फ्रांस में खराब शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भारी कमी को लेकर छात्रों में नाराजगी है। कई जगह प्रदर्शनों के दौरान पुलिस से झड़प और हिंसा भी हुई है। अकेले पेरिस में 800 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार लाखों लोगों के प्रदर्शन को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अलर्ट मोड पर है।












