149 फर्जी ट्रांजेक्शन से मची खलबली, दिल्ली पुलिस ने बिछाया जाल और खोल दी साइबर ठगों की पूरी चाल

0
6

नई दिल्ली: करोड़ों की साइबर ठगी म्यूल बैंक खातों का जाल और हवाला के जरिए रकम को डिजिटल करेंसी में बदलने का कथित खेल। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की खुफिया एवं रणनीतिक संचालन इकाई ने 3.93 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 45 चेकबुक 25 बैंक पासबुक 45 एटीएम कार्ड और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। डीसीपी गौरव त्यागी ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रिंस बंसल के आईसीआईसीआई बैंक खाते से 5 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे बिना अनुमति 149 लेनदेन किए गए। खाते से कुल 3,93,59,000 रुपये निकाल लिए गए। साइबर अपराध पोर्टल पर 1.78 करोड़ रुपये की राशि पर रोक दर्ज की गई।

राजस्थान तक पहुंची जांच की आंच

मामले की जांच के लिए उपनिरीक्षक गौतम सागर, हेड कांस्टेबल संदीप और हेड कांस्टेबल जितेंद्र की टीम ने राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर और अन्य स्थानों पर सात दिनों तक अभियान चलाया। जांच में कथित तौर पर बैंक खातों के जरिए रकम की परत-दर-परत निकासी और नकदी हस्तांतरण का खुलासा हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीयूष तलानिया, बृजलाल, विपिन चंवरिया, सुनील, विक्रम, राकेश बहादू और हेमंत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी बृजलाल के तार ‘यू होम’ नामक विदेशी मुद्रा विनिमय ऐप और हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। ठगी की रकम को यूएसडीटी डिजिटल मुद्रा में बदलने की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बृजलाल एक अन्य 95 लाख रुपये के कथित साइबर ठगी मामले में भी वांछित था।

अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई

यह अभियान एसीपी विवेकानंद झा की निगरानी और डीसीपी गौरव त्यागी के नेतृत्व में चलाया गया। पुलिस अब बरामद उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर नेटवर्क की अन्य कड़ियां खंगाल रही है। टीम में उपनिरीक्षक गौतम सागर, हेड कांस्टेबल संदीप और हेड कांस्टेबल जितेंद्र। डीसीपी का संदेश बैंक खाते से संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।

Reported By: Pankaj Rai

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here