जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल बुधवार को 17वें दिन भी जारी रही। आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय परिसर में दीवारों और प्रवेश द्वार को नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायत ने विवाद को नया मोड़ दे दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि 27 अक्टूबर की रात नकाबपोश लोगों का एक समूह परिसर में पहुंचा और उसने लोहे की मोटी छड़ों, हथौड़ों तथा दूसरे औजारों से तोड़फोड़ की। प्रशासन के मुताबिक, इस घटना से विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है।
दूसरी तरफ, आंदोलनकारी छात्र छात्रसंघ की बहाली पर लिखित आश्वासन और चुनाव की समयसीमा घोषित करने की मांग पर कायम हैं। इसी घटनाक्रम के बीच विश्वविद्यालय का 106वां स्थापना दिवस समारोह भी रद्द कर दिया गया है। पुलिस ने एनएसयूआई के जामिया अध्यक्ष फैजान को हिरासत में लिया। हालांकि, तोड़फोड़ में शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
छात्रसंघ चुनाव के लिए लिखित आश्वासन चाहते हैं प्रदर्शनकारी
छात्रों और शिक्षकों के प्रतिनिधियों के बीच बुधवार को बातचीत का आठवां दौर आयोजित हुआ। आंदोलनरत छात्रों ने मांग रखी कि छात्रसंघ के गठन से जुड़ा मसौदा तैयार कर 20 दिसंबर तक मंजूरी दी जाए। इसके बाद 15 दिनों के भीतर चुनाव की तारीख घोषित हो और पांच फरवरी 2027 तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करा दी जाए। प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान उनसे अपनी मांगों पर दोबारा विचार करने को कहा गया, लेकिन उन्होंने इससे सहमति नहीं जताई। छात्रों ने दावा किया कि बाद में फोन पर मांगें स्वीकार किए जाने की बात कही गई, फिर भी वे लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन ने परिसर में नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप
विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि परिसर में नुकसान की सूचना मिलने पर प्रॉक्टोरियल टीम और शिक्षक मौके पर पहुंचे। वहां प्रवेश द्वार और दीवारों को क्षतिग्रस्त पाया गया। प्रशासन ने यह भी दावा किया कि नकाबपोश लोगों का समूह दूसरे विद्यार्थियों को आंदोलन में शामिल करने के उद्देश्य से लड़कों के छात्रावास तक पहुंचा था।
प्रशासन के अनुसार, वीडियो, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और इंटरनेट मीडिया पर उपलब्ध सामग्री में नुकसान पहुंचाने के लिए औजारों के इस्तेमाल के संकेत दिखाई देते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित लोगों की पहचान जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
महिला शिक्षकों को धमकाने की शिकायत
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोप लगाया कि महिला शिक्षकों, वार्डन और प्रोवोस्ट ने महिला प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की तो उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ा। इस आरोप ने विवाद को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल, इस मामले में सभी पक्षों के दावों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसी दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विश्वविद्यालय पहुंचने की चर्चा भी रही,
लेकिन खबर लिखे जाने तक उनके वहां पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस द्वारा एनएसयूआई के जामिया अध्यक्ष फैजान को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई। भूख हड़ताल पर एबिन, रेहान और अबुजर के बैठे होने का उल्लेख किया गया है।
106वें स्थापना दिवस पर नहीं होंगे कार्यक्रम
जामिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 29 अक्टूबर को प्रस्तावित स्थापना दिवस समारोह और तालीमी मेले को रद्द कर दिया गया है। इस वर्ष चार दिन के कार्यक्रम की तैयारी की जा रही थी, जबकि पिछले साल छह दिनों तक आयोजन हुआ था।
अधिकारी ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा में यह फैसला असाधारण है। विश्वविद्यालय पहले ही 24 अक्टूबर के नोटिस के जरिए कक्षाएं आठ नवंबर तक ऑनलाइन माध्यम से चलाने का निर्णय ले चुका है। अब परिसर में तोड़फोड़ के आरोप, छात्रों की भूख हड़ताल और स्थापना दिवस रद्द होने से विश्वविद्यालय का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।












