हिसार: प्रदेश में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य को पूरा करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 नवंबर की बजाय 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा। इसके साथ ही नोटिस, दावे और आपत्तियों के निपटान की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है। इससे मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने और अपनी जानकारी में त्रुटियों को ठीक करवाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
लंबित मामले और बूथ लेवल एजेंटों की संख्या
गौरतलब है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश में फार्म नंबर-6 के 4 लाख 49 हजार 813, फार्म नंबर 7 के 1 लाख 57 हजार 673, फार्म नंबर-8 के 3 लाख 78 हजार 94 तथा 44 लाख 92 हजार 696 मतदाताओं को पिछले गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान न होने अथवा मिलान के दौरान विसंगतियां पाए जाने पर आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इस दिन तक फार्म नंबर-6 के 23 हजार 176, फार्म नंबर-7 के 5 हजार 175 तथा फार्म नंबर-8 के 6 हजार 58 शेष बचे फार्मों पर संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया जाना शेष था। इसी प्रकार सुनवाई के लिए जारी 12 हजार 43 नोटिस तथा फोटो अद्यतन से संबंधित 10 लाख 44 हजार 80 मामले बीएलओ स्तर पर लंबित थे। वहीं 33 हजार 100 नोटिस और फोटो अद्यतन से जुड़े 7 लाख 59 हजार 24 मामले संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों के पास निर्णय के लिए लंबित थे। मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रदेश के 20 हजार 864 मतदान केंद्रों के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा बड़ी संख्या में बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए गए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 19 हजार 554, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 17 हजार 127, इंडियन नेशनल लोकदल के 2 हजार 186, जननायक जनता पार्टी के 1 हजार 93, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 314, बहुजन समाज पार्टी के 146 तथा आम आदमी पार्टी के 54 बीएलए-2 शामिल हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी का बयान
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र पाल ने बताया कि 28 अक्टूबर 2026 तक प्राप्त आवेदनों और जारी नोटिसों का निपटान किया जाना था, लेकिन निर्धारित तिथि तक भी बड़ी संख्या में मामले लंबित थे। उन्होंने बताया कि लंबित मामलों और मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नोटिस, दावे एवं आपत्तियों के निपटान तथा मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि 30 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित बनाना है।
Reported By: Praveen Kumar












