नई दिल्ली: अमेरिका की डिजिटल बैंकिंग और फाइनेंशियल फर्म ब्लूवाइन ने भारत में अपनी पूरी कस्टमर सपोर्ट टीम को अचानक नौकरी से निकाल दिया। करीब 80 कर्मचारियों को महज 5 मिनट की गूगल मीट कॉल पर यह सूचना दी गई। इस फैसले ने कर्मचारियों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।
कंपनी ने घटना वाले दिन कर्मचारियों को ऑपरेशनल कारणों का हवाला देकर ऑफिस आने से मना कर दिया और घर से काम करने को कहा। शाम 6:30 बजे से शिफ्ट शुरू हुई थी, लेकिन रात 9:30 बजे अचानक मैनेजमेंट ने पूरी टीम को कॉल पर बुलाकर छंटनी का ऐलान कर दिया।
कर्मचारियों का आरोप
रेडिट पर एक कर्मचारी ने लिखा कि कंपनी का दावा गलत है कि भारतीय टीम से आउटपुट नहीं मिल रहा था। उसके अनुसार, अमेरिका की टीम ज्यादा गलतियां करती थी, जबकि भारतीय कर्मचारी अपनी नौकरी बचाने के डर से ज्यादा मेहनत करते थे। कर्मचारी ने कहा कि अब उन्हें पछतावा है कि उन्होंने इतनी मेहनत की, जबकि कंपनी ने उन्हें दूध में मक्खी की तरह निकाल दिया।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। यूजर्स ने कंपनी की इस हरकत को शर्मनाक बताया। लोगों का कहना है कि 80 परिवारों का भविष्य एक 5 मिनट की कॉल पर खत्म कर देना बेहद अमानवीय है। कई यूजर्स ने सलाह दी कि प्रभावित कर्मचारी कुछ समय का ब्रेक लें और नई नौकरियों के लिए आवेदन शुरू करें। कई विशेषज्ञों का मानना है कि 2024 से 2027 तक का समय कंपनियों में छंटनी का दौर रहेगा। AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कई नौकरियां प्रभावित हो रही हैं। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले वर्षों में हालात धीरे-धीरे बेहतर होंगे।
ब्लूवाइन द्वारा भारतीय कर्मचारियों को अचानक निकाले जाने की घटना ने कॉर्पोरेट जगत की कठोर सच्चाई को उजागर किया है। यह दिखाता है कि कंपनियां कभी भी कर्मचारियों को बिना चेतावनी बाहर कर सकती हैं। ऐसे में कर्मचारियों को अपनी स्किल्स अपडेट रखने और वैकल्पिक अवसरों की तलाश जारी रखने की जरूरत है।












