नई दिल्ली: ऑफिस से कुछ दिन का वर्क फ्रॉम होम मिलते ही ट्रैवल ब्लॉगर उत्कर्ष पटेल ने लखनऊ से बैग पैक किया और 12 दिन के लिए ऋषिकेश निकल गए। वहां उन्होंने हॉस्टल में रहकर काम किया, नए दोस्त बनाए, स्कूटी से घूमे और गंगा के किनारे सुकून भरे दिन बिताए। लौटते वक्त उन्होंने बताया कि बिना काम छोड़े सपनों जैसी ये लाइफ कितने में जी ली।
12 दिन का कुल खर्च कितना आया?
3 नवंबर को इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए उत्कर्ष ने पूरा बजट बताया। लखनऊ से ऋषिकेश आने-जाने में 2700 रुपये लगे। वे लक्ष्मण झूला के पास गोस्टॉप्स हॉस्टल में रुके, जहां एक रात का किराया 300 रुपये था। 12 रातों के लिए 3600 रुपये लगे। खाने पर सबसे ज्यादा खर्च हुआ। ज्यादातर खाना हॉस्टल में खाया, जहां एक दिन का खर्च 960 रुपये तक पहुंचा। कभी-कभी पास के ढाबे में 180 रुपये की थाली भी खाई। कुल मिलाकर खाने-पीने पर 11520 रुपये खर्च हुए।
लोकल घूमने के लिए पहले दोस्तों की कार और पैदल चलना काम आया। बाद में 300 रुपये में स्कूटी किराए पर ली और 150 रुपये का पेट्रोल डलवाया। इस तरह ट्रैवल पर 450 रुपये लगे। हॉस्टल की एक्टिविटीज, वाई-फाई और इवेंट्स फ्री थे। कुल मिलाकर 12 दिन में 18270 रुपये खर्च हुए, यानी रोज का करीब 1523 रुपये, जिसमें आना-जाना, रहना और खाना सब शामिल है।
वीडियो पर लोगों के रिएक्शन
वीडियो वायरल होते ही लोग डिटेल मांगने लगे। एक यूजर ने लिखा, खाना थोड़ा महंगा हो गया भाई। दूसरे ने कहा, मैं भी ऋषिकेश से हूं, आपकी कंपनी से जुड़ना चाहता हूं। किसी ने कहा वाह, बहुत सस्ता है, तो किसी ने इंटरनेट स्पीड के बारे में पूछा। उत्कर्ष ने ऋषिकेश पर 8 वीडियो बनाए। उन्होंने बताया कि पहले दिन क्रिएटर दोस्तों के साथ पटना वॉटरफॉल गए, फिर ऋषिकेश से 16 किमी दूर नरेंद्र नगर, जहां से पहाड़ों और गंगा का शानदार नजारा दिखता है।
उन्होंने कहा, दिन भर कैफे में काम, फिर हॉस्टल में नए लोगों से मिलना, पूल खेलना और अजनबियों का दोस्त बन जाना। इस समय ऋषिकेश में भीड़ कम है, माहौल शांत है और जेब पर भारी भी नहीं पड़ता।
आखिर में उत्कर्ष ने कहा कि हफ्ते भर में ऋषिकेश घर जैसा लगने लगा। शाम को गंगा किनारे सब अकेले बैठे होते हैं, फिर भी अकेलापन नहीं लगता। अगर आप रिमोट वर्कर या फ्रीलांसर हैं तो अब ऋषिकेश ट्राई करने का सही समय है।












