‘मैं 80 साल का हूं, जेल में ही मर जाऊंगा’, आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ED गिरफ्तारी वाली याचिका भेजी हाईकोर्ट

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में भेज दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ही सही जगह है। बता दें, दो पैन कार्ड वाले मामले में 29 अक्टूबर को आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की सजा पर रोक लगाई गई थी। इसके कुछ समय बाद ही ईडी ने उन्हें एक दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से ही आजम खान ने गिरफ्तारी को गलत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

दो दिन में हाईकोर्ट पहुंचेगी याचिका

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि याचिका को दो दिन के अंदर हाईकोर्ट भेजा जाए। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा गया है कि वह ईडी मामले में आजम खान की जमानत याचिका पर 16 नवंबर को अंतरिम आदेश पारित करे। आजम खान की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने 1 नवंबर के उस आदेश को भी चुनौती दी थी, जिसमें विशेष अदालत ने आजम खान को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला दिया था। याचिका में अंतरिम राहत के तौर पर हिरासत से छोड़ने की मांग की गई थी।

‘मैं 80 साल का हूं, जेल में ही मर जाऊंगा’

सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा, “मैं हर चीज का सामना करने को तैयार हूं, लेकिन मुझे जमानत चाहिए। मैं 80 साल का हो चुका हूं। ईडी के मामले में मुझे गिरफ्तार किया गया है और 28 मामले और भी हैं। ऐसे में मैं जेल में ही मर जाऊंगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी सिर्फ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय उन्हें जेल में रखने के लिए की गई है। सिब्बल ने कहा कि जेल से बाहर आते ही ईडी ने उन्हें बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने यह भी कहा कि मामला 2006 का है और एफआईआर 2019 में दर्ज हुई। ऐसे में इसमें पीएमएलए कैसे लागू हो गया। उन्होंने आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतों में 5 हजार रुपये, सोने की बालियां, बकरी और गाय जैसी चीजों को अपराध से अर्जित आय बताया गया है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उनकी बात में दम हो सकता है, लेकिन कोर्ट अभी इस पर कोई राय नहीं देना चाहता।

याचिका में क्या कहा गया?

याचिका में कहा गया है कि करीब 78 साल के आजम खान दस बार विधायक, पूर्व कैबिनेट मंत्री, विपक्ष के नेता और सांसद रह चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी का तरीका और समय पूरी तरह गलत है। आरोप लगाया गया है कि आपराधिक न्याय प्रणाली का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद के लिए किया जा रहा है, ताकि एक विपक्षी नेता को लंबे समय तक जेल में रखा जा सके, खासकर यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए।

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