नई दिल्ली: हवाई यात्रा अब महंगी और जटिल लगती है, खासकर जब प्लान बदल जाएं या नाम में छोटी सी गलती हो जाए. लेकिन अच्छी खबर है! DGCA ने यात्रियों के हित में टिकट रद्द करने और रिफंड के नियमों को और यात्री-अनुकूल बनाया है. गुरुवार को जारी संशोधित दिशानिर्देशों से अब बुकिंग के तुरंत बाद 48 घंटे तक फ्री में टिकट बदलना या रद्द करना संभव होगा. यह बदलाव उन बढ़ती शिकायतों के बीच आया है, जहां रिफंड में देरी और एक्स्ट्रा चार्जेस की समस्या आम थी. खासकर दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ान व्यवधानों के बाद यह कदम यात्रियों को सशक्त बनाएगा.
48 घंटे का ‘लुक-इन’ विकल्प
नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव है 48 घंटे का ‘लुक-इन’ पीरियड. बुकिंग के बाद 48 घंटों में यात्री टिकट रद्द या बदल सकते हैं बिना किसी कैंसिलेशन फीस के. हालांकि, यह सुविधा तब ही मिलेगी जब घरेलू उड़ान बुकिंग से कम से कम 7 दिन दूर हो और अंतरराष्ट्रीय उड़ान 15 दिन दूर. इस दौरान सिर्फ नए टिकट का किराया अंतर देना पड़ सकता है. 48 घंटे बाद सामान्य कैंसिलेशन चार्जेस लागू होंगे. यह नियम यात्रियों को सोच-समझकर फैसला लेने का मौका देगा.
नाम सुधारने में आसानी
अगर टिकट बुक करते समय नाम में स्पेलिंग या छोटी गलती हो गई, तो चिंता न करें. एयरलाइन की वेबसाइट से सीधे बुक किए टिकटों पर 24 घंटे के भीतर नाम सुधारने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा. यह सुधार सिर्फ उसी यात्री के नाम के लिए है. ट्रैवल एजेंट या पोर्टल से बुकिंग पर यह नियम अलग हो सकता है, लेकिन DGCA ने स्पष्ट किया है कि नाम ठीक करने की प्रक्रिया सरल और मुफ्त होनी चाहिए. इससे यात्रियों को आखिरी समय पर परेशानी नहीं होगी.
रिफंड की समयसीमा तय
रिफंड अब तेज और पारदर्शी होगा. एयरलाइंस को रिफंड 14 कार्य दिवसों के भीतर पूरा करना होगा. अगर टिकट ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल से खरीदा गया है, तब भी जिम्मेदारी एयरलाइन की रहेगी, क्योंकि एजेंट उनके प्रतिनिधि होते हैं. पहले रिफंड में महीनों लग जाते थे, लेकिन अब यह समयसीमा सख्त है. मेडिकल इमरजेंसी में रद्द करने पर भी एयरलाइंस को पारदर्शी तरीके से अनुरोध संभालने होंगे.
क्यों आए ये बदलाव?
ये संशोधन यात्रियों की बढ़ती शिकायतों के जवाब में आए हैं. दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान के दौरान रिफंड में देरी की कई शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख्ती बरती. DGCA ने नियमों को सरल बनाकर यात्रियों का भरोसा जीतने की कोशिश की है. 26 मार्च 2026 से लागू होने वाले ये नियम हवाई यात्रा को और सुगम बनाएंगे, जहां यात्री बिना डर के टिकट बुक कर सकेंगे.














