बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज यानी 30 मार्च को बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे दी है. नीतीश कुमार को इसी महीने की शुरुआत में राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुना गया था. इसके बाद उन्होंने MLC पद से इस्तीफा दे दिया. मिल रही जानकारी के मुताबिक परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को इस्तीफा पत्र सरकारी आवास पर ही सौंपा गया .
संविधान के नियम के अनुसार, कोई व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता. इसलिए 14 दिनों के अंदर एक पद छोड़ना जरूरी था. राज्यसभा में चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने इसी नियम का पालन करते हुए MLC पद से इस्तीफा दिया है. वे अब पूरी तरह से राज्यसभा सांसद के रूप में काम करेंगे.
नितिन नवीन ने भी दिया इस्तीफा
इसी दिन BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से MLA पद से इस्तीफा दे दिया. अब वे राज्यसभा सांसद के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे. नितिन नवीन ने अपने क्षेत्र के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को भावुक संदेश दिया. अपने पोस्ट में उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की याद दिलाई.
उन्होंने कहा कि जनवरी 2006 में पिता के निधन के बाद पार्टी ने उन्हें पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का मौका दिया. 27 अप्रैल 2006 को वे पहली बार विधायक चुने गए. उन्होंने इसे अपनी सामाजिक और राजनीतिक जीवन की शुरुआत बताया. नितिन नवीन ने इस्तीफे को अंत नहीं, बल्कि जनसेवा की नई बड़ी भूमिका बताया.
बिहार में नया मुख्यमंत्री कौन?
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. सूत्रों के अनुसार, अब BJP राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है. इसलिए नई सरकार का नेतृत्व BJP कर सकती है. हालांकि JDU के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री पद दिया जा सकता है. निशांत कुमार पिछले सप्ताह ही जेडीयू में शामिल हुए थे.
नीतीश कुमार ने बिहार में कई बार सरकार बनाई और गिराई. अब उनकी राज्यसभा यात्रा के साथ बिहार की सत्ता का केंद्र बदल सकता है. बिहार विधानसभा में अब MLC और MLA सीटों पर उपचुनाव हो सकते हैं. नई सरकार के गठन को लेकर राज्य में हलचल तेज हो गई है.















