पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (BPSC TRE 4.0) के विज्ञापन की मांग को लेकर पटना में बवाल मच गया है. बता दें, इस मांग को लेकर 10 हजार अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद पुलिस ने शिक्षक-अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया है. बताया जा रहा इस दौरान कई अभ्यर्थियों को गंभीर चोटें आई है.
कहा से शुरू हुआ प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन की शुरुआत पटना कॉलेज इलाके से हुई. इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे. प्रदर्शन के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो गया. सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
क्या है अभ्यर्थियों की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार अब तक TRE 3 भर्ती प्रक्रिया को ही पूरा नहीं कर सकी है, जबकि लाखों उम्मीदवार लंबे समय से TRE 4.0 के विज्ञापन का इंतजार कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने मांग की कि सरकार जल्द रिक्त पदों की सही संख्या सार्वजनिक करे और नई भर्ती प्रक्रिया की स्पष्ट तारीख घोषित करे.
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा महीनों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही भर्ती विज्ञापन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है. इतना ही नहीं, प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी उठाई. उनका कहना है कि शिक्षक नियुक्ति में राज्य के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
पुलिस बल तैनात
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया था. डाकबंगला चौराहे और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई. जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन गई. इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया. हालांकि, इस पूरे मामले पर शिक्षा विभाग या राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं, अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है.















