रांची में बियर डिस्ट्रीब्यूशन के नाम पर एक करोड़ की ठगी, 5 लोगों पर FIR

0
8
Jharkhand
Jharkhand

झारखंड: झारखंड की राजधानी रांची में बियर ब्रांड की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने और व्यवसाय विस्तार में निवेश के नाम पर एक करोड़ रुपये की ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस हाई-प्रोफाइल जालसाजी को लेकर अरगोड़ा थाना में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है.

लाइसेंस और मुनाफे का झांसा

यह पूरा मामला आरबीडीपीएल कंपनी के निदेशक राज कुमार पाठक की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता राज कुमार पाठक के अनुसार अगस्त 2024 में अजय कुमार, कुमार संभव और वृंदा संभव नामक व्यक्तियों ने उनसे संपर्क किया था. इन आरोपियों ने पाठक को एक नामी बियर ब्रांड की बिक्री और वितरण के लिए रांची क्षेत्र का मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर बनने का आकर्षक प्रस्ताव दिया.

झांसे में ऐसे फंसाया

पीड़ित को झांसे में लेने के लिए आरोपियों ने दावा किया कि उनकी कंपनी बियर व्यवसाय का बड़े पैमाने पर संचालन करती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस व्यापार से जुड़े सभी आवश्यक सरकारी लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और प्रमाण पत्र उनकी कंपनी खुद उपलब्ध कराएगी. इस झांसे में आकर पाठक की कंपनी ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और दोनों पक्षों के बीच रांची स्थित कार्यालय में एक औपचारिक बिजनेस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए.

एक करोड़ रुपये ऐंठे

एग्रीमेंट होने के तुरंत बाद आरोपियों ने व्यवसाय विस्तार और स्टॉक एडवांस के नाम पर राज कुमार पाठक से किश्तों में कुल 1 करोड़ रुपये ले लिए. रकम हड़पने के बाद जब भी पाठक ने बियर की सप्लाई शुरू करने को कहा आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे. महीनों तक गुमराह करने के बाद आरोपी कुमार संभव के हस्ताक्षर से आरबीडीपीएल को एक पत्र भेजा गया जिसमें लिखा था कि वे इस व्यावसायिक समझौते को समाप्त कर रहे हैं और ली गई पूरी राशि जल्द ही लौटा दी जाएगी.

कितने चेक दिए

काफी दबाव बनाने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को ईएलपीएल कंपनी के नाम से 10-10 लाख रुपये के कुल 10 चेक सौंपे. जब शिकायतकर्ता ने इनमें से पहला चेक 17 मार्च को बैंक में क्लीयरेंस के लिए डाला तो वह बाउंस हो गया क्योंकि आरोपियों ने बैंक को भुगतान रोकने का निर्देश दे रखा था. इसके बाद जब पाठक ने आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने बातचीत पूरी तरह बंद कर दी और अपने फोन बंद कर लिए. फिलहाल अरगोड़ा पुलिस मामले के वित्तीय लेन-देन के दस्तावेजी सबूत जुटा रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here