NEET में नंबरों का बड़ा हेरफेर? स्कोरकार्ड देखते ही छात्रा के उड़े होश, सवालों के घेरे में NTA

0
7
NEET Paper Leak
NEET Paper Leak

नई दिल्ली: NEET अंडरग्रेजुएट की री-एग्जाम के परिणाम घोषित होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी फिर से कई गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है. कर्नाटक की एक मेहनती और मेधावी छात्रा ने ओएमआर उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर धांधली और अदला-बदली का आरोप लगाया है. इस छात्रा का दावा है कि अगर आंसर की के अनुसार देखा जाए, तो उसे लगभग 668 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन आधिकारिक रिजल्ट में उसे माइनस 11 अंक दिखाए गए हैं. यह अप्रत्याशित परिणाम छात्रा के डॉक्टर बनने के सपनों को बहुत बड़ा धक्का दे रहा है.

165 के बजाय सिर्फ 41 प्रश्न हल दर्शाने का आरोप

कर्नाटक के हावेरी जिले के हंगल तालुक की रहने वाली छात्रा बिंदुश्री जगदीश पवार के अनुसार, एनटीए की वेबसाइट पर अपलोड की गई ओएमआर शीट उसकी वास्तविक उत्तर पुस्तिका से मेल नहीं खाती. बिंदुश्री ने बताया कि उसने कुल 180 में से 165 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, लेकिन जारी किए गए रिकॉर्ड में महज 41 प्रश्न ही हल दिखाए गए हैं. छात्रा का यह भी कहना है कि रिकॉर्ड के मुताबिक 41 उत्तर महज एक मिनट के भीतर दर्ज किए गए हैं, जो व्यावहारिक रूप से किसी भी अभ्यर्थी के लिए संभव नहीं है. इसके अलावा ओएमआर शीट पर उंगलियों के निशान और गोलों को भरने के तरीके में भी स्पष्ट अंतर देखा गया है, जो किसी बड़ी तकनीकी या मानवीय गड़बड़ी की ओर इशारा करता है.

एनटीए की खामोशी से बढ़ीं अभ्यर्थियों की चिंताएं

परिणाम देखने के बाद छात्रा और उसके परिजनों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की हेल्पलाइन और संबंधित अधिकारियों से कई बार संपर्क साधा. बिंदुश्री ने अपनी मूल ओएमआर शीट की दोबारा जांच कराने के लिए आधिकारिक ईमेल भी भेजे, लेकिन एजेंसी की तरफ से अब तक कोई समाधान नहीं मिला है. कर्नाटक समेत देश के विभिन्न हिस्सों से री-एग्जाम देने वाले कई अन्य उम्मीदवारों ने भी घोषित नतीजों में अंकों की कटौती का दावा किया है. छात्रों का कहना है कि अंतिम उत्तर कुंजी के मुकाबले उनके 10 से 25 अंक तक कम कर दिए गए हैं. जिससे उनकी ऑल इंडिया रैंक हजारों स्थान पीछे खिसक गई है और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की संभावनाएं प्रभावित हुई हैं.

निष्पक्ष जांच की मांग

हाल ही में विवादों पर एनटीए का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही कई सामग्रियां और अंकपत्र AI से तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज हो सकते हैं. एजेंसी का दावा है कि मूल्यांकन पूरी तरह पारदर्शी और मूल ओएमआर के आधार पर ही किया गया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here