पटना: बिहार में अब पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान होगा। राज्य सरकार ने वनरक्षी की सीधी भर्ती में उनके लिए 20% स्पेशल कोटा लागू कर दिया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
वनरक्षी भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण लागू
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हाल ही में लिए गए फैसले के बाद विभाग ने आदेश जारी किया। नए नियम के मुताबिक वनरक्षी के पदों पर सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। ये आरक्षण सामान्य, EWS और सभी आरक्षित वर्गों में अलग-अलग लागू होगा। मतलब हर कैटेगरी में 20% सीटें पूर्व अग्निवीरों के लिए रिजर्व रहेंगी।
सरकार ने शर्त रखी है कि इसका फायदा सिर्फ बिहार के स्थायी निवासी पूर्व अग्निवीरों को ही मिलेगा। अगर किसी वर्ग में पर्याप्त अभ्यर्थी नहीं मिलते हैं तो खाली बची सीटें उसी वर्ग के अन्य पात्र उम्मीदवारों से भरी जाएंगी। इस बदलाव के लिए बिहार अवर वन सेवा नियमावली 2013 में संशोधन किया गया है। नई व्यवस्था बिहार राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से लागू मानी जाएगी।
अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता
अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं को राज्य सरकार पहले से कई भर्तियों में छूट दे रही है। वन विभाग में 20% कोटा देने का मकसद है कि सेना से लौटे जवानों को रोजगार में प्राथमिकता मिले।
अधिकारियों का कहना है कि इससे पूर्व सैनिकों को अनुशासन और फिटनेस का फायदा भर्ती प्रक्रिया में मिलेगा। साथ ही जंगल और वन्यजीव सुरक्षा जैसे कामों में भी उनका अनुभव काम आएगा।
राजस्व कर्मचारियों के तबादले में हुआ बदलाव
वहीं दूसरी तरफ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व कर्मचारियों के ट्रांसफर ऑर्डर में संशोधन किया है। 14 जुलाई को विभाग ने 3000 से ज्यादा राजस्व कर्मचारियों का तबादला किया था। विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा था कि ये ट्रांसफर कर्मचारियों की सुविधा के लिए हैं।
लेकिन लिस्ट आने के बाद कई कर्मचारियों ने शिकायत की कि उन्हें गृह जिले से काफी दूर भेज दिया गया है। शिकायतों के बाद विभाग ने संशोधित आदेश निकाला। इसके तहत 192 कर्मचारियों को उनके गृह जिले के आसपास ही पोस्टिंग दी गई है।
मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की परेशानी को देखते हुए ये बदलाव किए गए हैं ताकि कामकाज में दिक्कत न हो और लोगों को समय पर सेवा मिल सके। कुल मिलाकर बिहार सरकार एक तरफ पूर्व अग्निवीरों को रोजगार में आरक्षण देकर राहत दे रही है, तो दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारियों की मांगों पर भी फटाफट संशोधन कर रही है।












