नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक सशक्त, आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत का खाका पेश किया। अपने भाषण में उन्होंने तकनीक, युवा कौशल, खेल, ऊर्जा और अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को छूते हुए कई दूरगामी योजनाओं का ऐलान किया। प्रधानमंत्री का यह संबोधन देश को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से ले जाने वाले संकल्पों से भरा हुआ था।
युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
देश की युवा शक्ति को आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार करने के मकसद से प्रधानमंत्री ने AI यूथ स्किलिंग को लेकर बेहद अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि आगामी एक वर्ष के भीतर देश के एक करोड़ युवाओं को AI की आधुनिक ट्रेनिंग दी जाएगी।
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। इससे देश के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को भी बिना किसी वित्तीय बोझ के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन मिल सकेगा।
6G तकनीक पर जोर
डिजिटल और आधुनिक दौर में सेमीकंडक्टर चिप्स की महत्ता पर बल देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। देश में वर्तमान में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जिनमें निर्यात के लिए उत्पादन भी आरंभ हो चुका है। तकनीक के इस सफर को आगे बढ़ाते हुए अगले 1 से 2 वर्षों के भीतर 7 से 8 नए प्रोडक्शन प्लांट शुरू किए जाएंगे, वहीं अगले 7 से 8 सालों में 5 से 8 और नए सेमीकंडक्टर प्लांट तैयार करने की योजना है। इसके साथ ही, भारत को वैश्विक तकनीक नेतृत्व प्रदान करने के लिए साल 2030 तक ‘मेड इन इंडिया 6G’ तकनीक को घर-घर तक पहुंचाने और अनुसंधान को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई गई।
2036 ओलंपिक के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट हंट
खेलों के क्षेत्र में भारत को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए ‘देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट’ अभियान की घोषणा की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत गांवों और शहरों से 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की प्रतिभा को पहचाना जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को साल 2036 के ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं के लिए एक मजबूत ‘मेडल पावरहाउस’ बनाना है। इस टैलेंट हंट के माध्यम से चुने गए बाल खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कोचिंग, अत्याधुनिक खेल विज्ञान और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जाएगा ताकि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी और प्रदर्शन में ऐतिहासिक सुधार हो सके।
परमाणु ऊर्जा और ग्लोबल इनोवेशन हब का विजन
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा। इसके लिए अगले 6 से 7 वर्षों में 5 नए न्यूक्लियर रिएक्टर चालू किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से सिविल डिफेंस में सुधार और आधुनिक ट्रेनिंग की जरूरतों को भी रेखांकित किया गया। भारत को महज तकनीक का उपभोक्ता न बनाकर ‘ग्लोबल इनोवेशन हब’ बनाने के लिए सरकार ने अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का फंड तैयार किया है। आज देश में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और युवा वैज्ञानिकों ने अपने ट्रायल सैटेलाइट लॉन्च करके दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है।












