नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल बचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बीच BJP नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर उज्जैन से भोपाल पहुंचे उनके साथ दर्जनों गाड़ियों का काफिला था. टेक्स्टबुक कॉर्पोरेशन के चेयरमैन का पद संभालने के कार्यक्रम के दौरान हाईवे पर कई जगहों पर उनका सम्मान किया गया जिससे ट्रैफिक में रुकावट आई. ठाकुर ने कहा कि शुरुआत में वह 25 गाड़ियों के साथ निकले थे लेकिन रास्ते में और लोग जुड़ते गए और उन्हें पता ही नहीं चला कि काफिला इतना बड़ा हो गया है.
BJP नेता सौभाग्य सिंह के काफिले की गाड़ियां वायरल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अलग-अलग मौकों पर देश के नागरिकों से पेट्रोल और डीज़ल बचाने की अपील की है. वैश्विक हालात और चल रहे ऊर्जा संकट का हवाला देते हुए उन्होंने लोगों से निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का आग्रह किया था.
प्रधानमंत्री की अपील के बाद मध्य प्रदेश से सामने आए एक वीडियो ने एक नई बहस छेड़ दी है. यह घटना भोपाल में हुई जहां BJP नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर टेक्स्टबुक कॉर्पोरेशन के चेयरमैन का पदभार संभालने पहुंचे थे. उनकी यात्रा को लेकर हो रही चर्चा उनके आधिकारिक पदग्रहण समारोह पर कम और उस लंबे काफिले पर ज्यादा केंद्रित है जिसके साथ उन्होंने उज्जैन से भोपाल तक का सफर तय किया.
दर्जनों गाड़ियों वाला यह काफिला कई किलोमीटर तक फैला हुआ था. रास्ते में कई जगहों पर समर्थकों ने गाड़ियों को रोककर उनका स्वागत किया जिससे हाईवे पर ट्रैफिक बाधित हुआ और आम जनता को परेशानी हुई. अब सवाल यह उठ रहा है. जब प्रधानमंत्री खुद ईधन बचाने की अपील कर रहे हैं. तो क्या उनकी अपनी पार्टी के नेता इस संदेश को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं?
काफिला उज्जैन से भोपाल तक गया
सौभाग्य सिंह ठाकुर सुबह उज्जैन से अपने समर्थकों के साथ निकले. जैसे-जैसे काफिला आगे बढ़ा गाड़ियों की संख्या बढ़ती गई. रास्ते में कई जगहों पर समर्थकों ने फूलों और मालाओं से उनका स्वागत किया. कुछ जगहों पर पारंपरिक ढोल-नगाड़े भी बजाए गए. सड़क किनारे समर्थकों की भीड़ जमा हो गई जिससे कई बार ट्रैफिक धीमा हो गया. हाईवे पर सफर कर रहे दूसरे वाहन चालकों को भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यह लंबा काफिला साफ दिखाई दे रहा है.
सौभाग्य सिंह ठाकुर ने क्या कहा?
सौरभ ने कहा, ‘मैं गांव के बैकग्राउंड से आता हूं. चिंतामन उज्जैन के पास है और मैं उसी इलाके के मंगरौला गांव का रहने वाला हूं. गांव में हर कोई एक परिवार की तरह मिल-जुलकर रहता है. कल जब मैं अपने ऑफिस का चार्ज लेने आया तो मेरे साथ 25 गाड़ियां थी. लेकिन रास्ते में और लोग जुड़ते गए और काफिला बड़ा होता गया.
सच कहूं तो मुझे एहसास भी नहीं हुआ कि गाड़ियों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है’. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह मानते हैं कि उन्होंने कोई गलती की है तो उन्होंने जवाब दिया, ‘इसमें गलत क्या है? आख़िरकार, मुझे तो इसके बारे में पता भी नहीं था’. इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या रास्ते में हुए अलग-अलग स्वागत समारोहों के दौरान उन्हें गाड़ियों की इतनी बड़ी संख्या नजर नहीं आई तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मैं इस बारे में आपसे बाद में अलग से बात करूंगा’.
PM मोदी ने क्या कहा था?
देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संरक्षण के महत्व पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए हर नागरिक को अपने नागरिक कर्तव्य का पालन करना चाहिए. प्रधानमंत्री ने जनता से अपील की थी कि जहां तक हो सके निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करें और उसकी जगह सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें.
















