नई दिल्ली: भारत जब अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न की ओर कदम बढ़ा रहा है, तो चारों तरफ आजादी की उमंग और देशभक्ति की बयार बह रही है। इस पावन अवसर पर भारतीय सिनेमा और संगीत का योगदान अतुलनीय रहा है। बॉलीवुड के कई ऐसे कालजयी और सदाबहार नगमे हैं, जो हर हिंदुस्तानी की रगों में स्वाभिमान, गर्व और वीरता का नया जुनून भर देते हैं। ये तराने न केवल वीर जवानों की शहादत को नमन करते हैं, बल्कि देश की अखंडता और एकता का संदेश भी देते हैं।
मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम
जब सरहद पर तैनात सैनिकों के त्याग की बात होती है, तो फिल्म ‘केसरी’ का गाना ‘तेरी मिट्टी’ हर किसी की आंखें नम कर देता है। मनोज मुंतशिर के लिखे और अर्को द्वारा संगीतबद्ध किए गए इस मर्मस्पर्शी गीत को बी प्राक की सुरीली आवाज़ ने अमर बना दिया है। वहीं, 1963 में लता मंगेशकर द्वारा पहली बार गाया गया ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ आज भी हर भारतीय के हृदय को गहराई से छू लेता है। कवि प्रदीप के बोल और सी. रामचंद्र के संगीत से सजे इस गीत ने इतिहास के पन्नों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए फिल्म ‘राजी’ का ‘ए वतन’ गाना मातृभूमि के प्रति निस्वार्थ समर्पण को खूबसूरती से बयां करता है, जिसे अरिजीत सिंह और सुनिधि चौहान ने अपनी आवाज़ों से सजाया है।
आधुनिक भारत का गर्व
आजादी की 50वीं वर्षगांठ पर रिलीज़ हुआ ए.आर. रहमान का एंथम ‘मां तुझे सलाम / वंदे मातरम’ आज भी हर युवा के दिल की धड़कन बना हुआ है। रहमान के संगीत और आवाज़ ने इस गीत के ज़रिए आधुनिक भारत के आत्मविश्वास को नई पहचान दी। इसी तरह, फिल्म ‘रंग दे बसंती’ का शीर्षक गीत युवाओं के भीतर देश के लिए कुछ कर गुज़रने का जोश भरता है। प्रसून जोशी के जानदार बोल, रहमान का जादुई संगीत और दलेर मेहंदी व चित्रा की बुलंद आवाज़ इस गाने को अत्यधिक ऊर्जावान बनाती है।
सरहद का दर्द, एकता का संदेश
सैनिकों के पारिवारिक जीवन और उनके अंतहीन इंतज़ार की दास्तान बयां करता फिल्म ‘बॉर्डर’ का ‘संदेशे आते हैं’ आज भी हर किसी को भावुक कर देता है। जावेद अख्तर के लिखे इस मार्मिक गीत को सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ ने अपनी मखमली आवाज़ से सदाबहार बना दिया। दूसरी ओर, भारतीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन के उल्लास को समेटे हुए फिल्म ‘नया दौर’ का ‘यह देश है वीर जवानों का’ मोहम्मद रफी और बलबीर की आवाज़ में आज भी उत्सवों की शान बनता है।
देश की विविधता में एकता को रेखांकित करता फिल्म ‘रोजा’ का गीत ‘भारत हमको जान से प्यारा है’ हरिहरन की गंभीर आवाज़ में देशप्रेम का महान संदेश फैलाता है। वहीं, शहीद भगत सिंह के बलिदान को नमन करता ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ (फिल्म: द लीजेंड ऑफ भगत सिंह) और भारतीय सेना की एकजुटता व अनुशासन को दर्शाती फिल्म ‘लक्ष्य’ का ‘कंधों से मिलते हैं कंधे’ जैसे गीत हर हिंदुस्तानी के रोंगटे खड़े कर देते हैं। ये सभी नगमे स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को सुरों के साथ और अधिक भव्य व यादगार बना देते हैं।












