नई दिल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कर्नाटक के मेकेदातु में प्रस्तावित बांध को तुरंत खारिज करने की मांग की है। यह पत्र कर्नाटक सरकार के रामनगर जिले के कनकपुरा के पास मेकेदातु में भूमि पूजन शुरू करने के बाद भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री विजय जल्द ही दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से इस विवाद पर बात करेंगे।
दशकों पुराना है कावेरी जल विवाद
कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद दशकों पुराना है। कर्नाटक अब मेकेदातु में नया बांध बनाने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। तमिलनाडु सरकार का कहना है कि यह कदम 2018 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सीधा उल्लंघन है।
मुख्यमंत्री विजय जोसेफ ने पत्र में लिखा कि मेकेदातु बांध उन परियोजनाओं में शामिल नहीं है जिन्हें कावेरी जल न्यायाधिकरण ने मंजूरी दी थी और सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था।
निचले तट वाले राज्यों को होगा नुकसान
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कावेरी नदी के ऊपरी तट वाले राज्यों को निचले तट वाले राज्यों की सहमति के बिना नया बांध या जलाशय बनाने का अधिकार नहीं है। निचले तट वाले राज्यों में तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी शामिल हैं।
विजय ने बताया कि कावेरी बेसिन पहले से पानी की कमी वाला क्षेत्र माना गया है। यहां उपलब्ध पानी का 50 फीसदी हिस्सा पहले ही संबंधित राज्यों को बांटा जा चुका है। ऐसे में अतिरिक्त भंडारण की कोई गुंजाइश नहीं बचती।
किसानों को हो सकती है पानी की किल्लत
पत्र में विजय ने चेतावनी दी कि कर्नाटक का नया जलाशय प्रस्ताव न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का खुला उल्लंघन होगा। इससे निचले राज्यों के किसानों और आम लोगों को पानी की गंभीर कमी झेलनी पड़ सकती है। तमिलनाडु को डर है कि बांध बनने से गर्मियों में सिंचाई और पीने के पानी का संकट गहरा जाएगा।
केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने केंद्र से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है। राज्य चाहता है कि अंतरराज्यीय जल विवाद और न बढ़े। मेकेदातु बांध को लेकर दोनों राज्यों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। विजय के दिल्ली दौरे में इस मुद्दे पर केंद्र के सामने तमिलनाडु का पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी है।
















