नई दिल्ली: लंदन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ हुए प्रदर्शन को लेकर भारत में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस प्रदर्शन में यूट्यूबर ध्रुव राठी की मौजूदगी पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस और प्रदर्शन में शामिल लोगों पर सवाल उठाए। रिजिजू की इस पोस्ट के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
किरेन रिजिजू ने वीडियो शेयर कर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लंदन में हुए प्रदर्शन का वीडियो साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया कि वहां कांग्रेस के झंडों के साथ पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से जुड़े झंडे भी दिखाई दिए। रिजिजू ने आरोप लगाया कि लंदन में भारत विरोधी समूहों का जमावड़ा देशभक्त भारतीयों को डराने की कोशिश है।
Congress party flags with the flags of Pakistan occupied Kashmir and Pakistan in London! These people think that gatherings of Anti-India gangs in London will intimidate the patriotic Indians. भारत कभी नहीं झुकेगा और भारत को भारत-विरोधी ताकतें कभी तोड़ नहीं सकतीं। https://t.co/7ps8gtak03
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) October 19, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि भारत विरोधी समूह एक ऐसे यूट्यूबर के इशारे पर काम कर रहे हैं, जो खुद को भारतीय बताता है। हालांकि, ये रिजिजू के आरोप हैं। वीडियो में दिखाई देने वाले झंडों और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
SIR के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, 16 अक्टूबर को स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की यूके इकाई ने SIR के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। इस दौरान लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे थे। यूट्यूबर ध्रुव राठी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे। भारत में SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले से बहस जारी है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की राय अलग है।
बांग्लादेश और फ्रांस का भी किया था जिक्र
इससे पहले रिजिजू ने भारत में सत्ता परिवर्तन की मांग करने वाले विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा था। उन्होंने बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हुई हिंसक घटनाओं और फ्रांस में हुए दंगों का उदाहरण देते हुए कहा था कि भारत की स्थिति इन देशों से अलग है। अब लंदन प्रदर्शन को लेकर रिजिजू की टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ सकता है। सबकी नजर इस बात पर है कि ध्रुव राठी और विपक्षी दल इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।












