पीएम मोदी के तिरंगे लुक पर काग्रेंस ने कसा तंज, सोशल मीडिया पर छिड़ा विवाद

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Congress takes dig PM Modi Tricolour look controversy erupts on social media
X - @narendramodi

नई दिल्ली: 15 अगस्त को लाल किले से पीएम नरेंद्र मोदी के पहनावे ने इस बार भी सबका ध्यान खींचा। लेकिन इस बार चर्चा पगड़ी की नहीं, बल्कि उनके पॉकेट स्क्वायर को लेकर छिड़ गई। तिरंगे रंगों वाले इस पॉकेट स्क्वायर को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गईं।  

कांग्रेस ने उठाए सवाल!       

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सबसे पहले मुद्दा उठाया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “लगता है साहब ने उर्दू में तिरंगा पहना है। या फिर भारत की जगह आयरलैंड का स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं।” खेड़ा का इशारा रंगों के क्रम की तरफ था। उर्दू दाएं से बाएं लिखी जाती है, इसलिए उन्होंने तंज कसा।  

इसके बाद कांग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत ने भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “तिरंगे का यह कैसा स्टाइल है? यह उल्टा है। यह भारत के झंडे से ज्यादा आयरलैंड के झंडे जैसा दिखता है।” श्रीनेत के मुताबिक पॉकेट स्क्वायर में केसरिया-सफेद-हरे का क्रम तिरंगे जैसा नहीं था।  

बीजेपी और सोशल मीडिया का जवाब    

कांग्रेस की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कई यूजर्स ने कहा कि पीएम मोदी ने झंडा नहीं पहना था। पॉकेट स्क्वायर में अशोक चक्र भी नहीं था, इसलिए इसे झंडे से जोड़ना गलत है।  

खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताने वाले संतोष परमार ने लिखा, “यह झंडा नहीं है। यह तीन तह वाला पॉकेट स्क्वायर है। सबसे आगे केसरिया, फिर सफेद और आखिर में हरा है। क्रम सही है।”  

कुछ लोगों ने फ्लैग कोड का भी हवाला दिया। नियम के मुताबिक जब तिरंगे को वर्टिकली लगाया जाता है तो केसरिया पट्टी दाईं ओर होनी चाहिए। देखने वाले को यह बाईं तरफ दिखती है।  

15 अगस्त को पीएम ने क्या पहना और क्या कहा?     

इस बार पीएम मोदी ने सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ भूरे रंग की जैकेट पहनी थी। सिर पर राजस्थान-गुजरात की मशहूर ‘बांधेज’ कला वाली लाल टाई-एंड-डाई पगड़ी थी। यह उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस भाषण था।

करीब 75 मिनट के भाषण में उन्होंने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लिए 7 सूत्रीय रोडमैप ‘सप्तधारा’ पेश किया। पीएम ने Gen-Z को भी साधा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने का ऐलान किया।  

हालांकि भाषण में ‘दिमागी नक्सलियों’ पर उनकी टिप्पणी से नया विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने इसे “हताशा का साफ संकेत” बताया। पिछले कुछ सालों से स्वतंत्रता दिवस पर पीएम की पगड़ियां और अब पॉकेट स्क्वायर चर्चा का विषय बनते हैं। इस बार तिरंगे को लेकर शुरू हुई बहस ने सियासत को और गरमा दिया।  

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