नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। शनिवार सुबह भी दिल्ली के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के आंकड़े को पार कर गया, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 367 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, शहर के कई निगरानी केंद्रों पर यह आंकड़ा 400 से ऊपर दर्ज किया गया।
दिल्ली के कई इलाकों में गंभीर स्थिति
CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है। पंजाबी बाग में AQI 433, विवेक विहार में 425, जहांगीरपुरी और मुंडका में 421, रोहिणी में 418, बवाना और द्वारका सेक्टर-8 में 410 तथा नरेला, DTU और नॉर्थ कैंपस में 409 दर्ज किया गया। इसके अलावा अलीपुर, ITO और पटपड़गंज में भी AQI 400 के पार रहा।
शुक्रवार को दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 24 पर हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में रही, जबकि 30 क्षेत्रों में स्थिति ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई।
नोएडा और गाजियाबाद का भी बुरा हाल
दिल्ली से सटे NCR के इलाकों में भी हवा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। नोएडा के सेक्टर-62 में AQI 414 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। हालांकि, सेक्टर-116 में 285, सेक्टर-125 में 279 और सेक्टर-110 में 257 AQI दर्ज हुआ।
गाजियाबाद में लोनी सबसे अधिक प्रदूषित रहा, जहां AQI 332 दर्ज किया गया। वहीं, संजय नगर में 294, वेव सिटी में 292 और इंदिरापुरम में 287 AQI रहा।
GRAP-3 लागू, लेकिन असर सीमित
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया था।
इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। दिल्ली और NCR में BS-III पेट्रोल तथा BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, इन प्रतिबंधों के बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला है।
निगरानी केंद्रों के आंकड़ों में भी आई रुकावट
इस संकट के बीच एक और चिंता की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली के करीब एक दर्जन वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में शुक्रवार को आंकड़े दर्ज करने में रुकावट आई, जिससे प्रदूषण के वास्तविक स्तर का पता लगाने में परेशानी हुई।
विश्लेषकों का मानना है कि दिवाली नजदीक आने के कारण पटाखों से होने वाला प्रदूषण हवा की गुणवत्ता को और खराब कर सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।












