पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. सोमवार को होने वाली मतगणना को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक स्तर पर इंतजाम किए हैं. बता दें, राज्य की 293 सीटों पर वोटों की गिनती के लिए कुल 432 काउंटिंग ऑब्जर्वर्स तैनात किए गए हैं.
कहां की गई सबसे ज्यादा निगरानी
आयोग द्वारा जारी सूची के मुताबिक, इस बार उत्तर 24 परगना जिला सबसे ज्यादा निगरानी में रहेगा. यहां की 33 सीटों के लिए 49 ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जो पूरे जिले की मतगणना प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेंगे. इसके बाद दक्षिण 24 परगना का स्थान है, जहां 31 सीटों के लिए 45 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं. हालांकि फालता सीट पर मतगणना स्थगित होने के कारण आंकड़ों में मामूली बदलाव संभव है.
दूसरी ओर, अलीपुरद्वार जिला सबसे कम पर्यवेक्षकों के साथ सूची में शामिल है. यहां की पांच सीटों के लिए केवल छह ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं. वहीं, राजधानी कोलकाता में 11 सीटों के लिए 12 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है.
गड़बड़ी को रोकने की कोशिश
इसके साथ ही, इस बार आयोग ने उन विधानसभा क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया है, जहां एक से अधिक मतगणना कक्ष बनाए गए हैं. ऐसे केंद्रों के लिए 165 अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्जर्वर्स की तैनाती की गई है, ताकि प्रक्रिया के हर चरण पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके.
सुरक्षा व्यवस्था का क्या इंतजाम
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्त इंतजाम किए गए हैं. मतगणना केंद्रों के बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 77 पुलिस ऑब्जर्वर्स की तैनाती की गई है. आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ये पुलिस पर्यवेक्षक किसी भी स्थिति में मतगणना कक्ष के भीतर प्रवेश नहीं करेंगे. उनका दायित्व केवल बाहरी सुरक्षा और समन्वय बनाए रखना होगा. आयोग का कहना है कि इन सभी कदमों का उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाना है, ताकि जनता का लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास मजबूती से बना रहें.
















