नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने अपनी दमदार आवाज और बेबाक अंदाज से हमेशा दिल जीता है। वो कम बोलते थे, लेकिन जब बोलते थे तो हर शब्द में वजन होता था। पर्दे पर विलेन से लेकर कॉमेडी और गंभीर किरदारों तक, उन्होंने हर रोल को यादगार बना दिया। अब उनके निधन की खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गमगीन कर दिया है। लेकिन क्या आप जानते है कि इस दुनिया को अलविदा कहने से पहले नाना पाटेकर की अंतिम इच्छा क्या थी.
क्या थी नाना पाटेकर की अंतिमी इच्छा
नाना की अंतिम इच्छा भी उनकी शख्सियत की तरह ही अनोखी और साफगोई भरी थी। उन्होंने साल 2023 में अपनी फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ के प्रमोशन के दौरान अंतिम संस्कार को लेकर बात की थी। उस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वो एक साधारण जिंदगी जीते आए हैं, न किसी गलतफहमी में रहते हैं और न किसी को रखते हैं। उन्होंने बताया था, “मुझे मौत पर पूरा भरोसा है। मैंने अपने लिए 12 मन लकड़ियां पहले से रखी हुई हैं। मैं चाहता हूं कि उन्हीं लकड़ियों में मुझे जलाया जाए।”
नाना ने आगे कहा था, “मुझे गीली लकड़ी में बिल्कुल मत जलाना। गीली लकड़ी से धुआं उठेगा और लोगों की आंखों में आंसू आ जाएंगे। फिर लोग रोने लगेंगे। मैं नहीं चाहता कि मेरे लिए कोई रोए। मेरी फोटो पर माला भी मत चढ़ाना। मैं इस गलतफहमी में नहीं जाना चाहता कि लोग मेरे लिए रो रहे हैं।”
राजकीय सम्मान के साथ दी जाएगी विदाई
इतना ही नहीं उन्होंने उस दौरान यह भी साझा किया था कि उनके माता-पिता, भाई-बहन सब जा चुके हैं और वो अकेले रह गए हैं। उनका मानना था कि मौत उन्हें फिर से अपने परिवार से मिला देगी। आज उनके कहे हुए ये शब्द और भी ज्यादा भावुक कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर की अंतिम इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार उनके पुणे स्थित फार्महाउस पर किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का फैसला किया है।
एक्टिंग की बात करें तो नाना ने ‘परिंदा’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी’, ‘वेलकम’, ‘अपहरण’ और ‘राजनीति’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। हर किरदार में उन्होंने अपनी ऐसी छाप छोड़ी जिसे भुलाना मुश्किल है।












