नई दिल्ली: दिल्ली में शनिवार को CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद रविवार को एक बार फिर राजधानी में तनाव और हलचल बढ़ने की आशंका है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि मांग पूरी होने तक प्रदर्शन खत्म नहीं होगा। CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजिंक्य शिंदे ने बताया कि रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर की ओर मार्च किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
10 अक्टूबर को पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास भारी बल तैनात किया था। कई प्रवेश मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए, जबकि मंडी हाउस, सुप्रीम कोर्ट और ITO मेट्रो स्टेशन के आसपास भी पुलिसकर्मी मौजूद रहे। गाजीपुर, टिकरी, चिल्ला और अप्सरा बॉर्डर पर दिल्ली में आने वाले वाहनों की जांच की गई। लोनी गोल चक्कर, अप्सरा बॉर्डर और धौला कुआं पर भी वाहनों की जांच हुई। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास ड्रोन से निगरानी रखी गई, वहीं मध्य दिल्ली में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात किए गए। कनॉट प्लेस समेत कई जगह लोगों ने जुटने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने हटाया और हिरासत में लिया। सुबह करीब 9:21 बजे तक कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास से लगभग 150 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। बाद में यह संख्या बढ़ी। पुलिस ने बॉडी कैमरे लगाए और लोगों से भीड़ नहीं जुटाने की अपील की। मिंटो ब्रिज से AISF, SFI और CPI(M) के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया।
CJP नेताओं और विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के भीतर से ही हिरासत में लिया था। CJP की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिए जाने की खबर आई। आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक के साथ ममता बनर्जी को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, शनिवार को करीब तीन हजार लोगों को हिरासत में लिया गया था और बाद में सभी को छोड़ दिया गया। हालांकि, CJP के तीन नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की स्थिति को लेकर देर रात तक पुलिस की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।
मेट्रो सेवाएं बहाल, कनॉट प्लेस के बाजार खुलेंगे
प्रदर्शन के बाद यात्रियों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अनुसार, मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं। संबंधित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा भी बहाल कर दी गई है। रेलवे सेवाओं को लेकर भी बताया गया है कि फिलहाल ट्रेनों को रद्द करने की कोई योजना नहीं है।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने घोषणा की कि कनॉट प्लेस के बाजार 11 अक्टूबर को खुलेंगे। शनिवार के हालात को देखते हुए व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई थी। एसोसिएशन ने दुकानदारों से बाजार खोलते समय सावधानी बरतने, दुकानों के प्रवेश द्वारों पर नजर रखने और सुरक्षा संबंधी सतर्कता बनाए रखने को कहा है।
30 प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार, 11 अक्टूबर के लिए संभावित जाम, डायवर्जन और देरी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित हो सकता है। पुलिस के मुताबिक, हालात को देखते हुए सुबह छह बजे से कुछ मार्गों पर प्रतिबंध या बदलाव लागू किए जा सकते हैं।
ट्रैफिक पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली और कनॉट प्लेस के आसपास के 30 प्रमुख चौराहों और मार्गों की पहचान की है। संभावित प्रभावित स्थानों में शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, पंचकुइयां, मंडी हाउस, डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक, राम चरण अग्रवाल चौक, मिंटो रोड-डीडीयू मार्ग, गुरु नानक चौक और चेम्सफोर्ड रोड-आउटर सर्कल कनॉट प्लेस टी-पॉइंट शामिल हैं।
इसके अलावा लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुम्बद, मदरसा टी-पॉइंट, सम्राट होटल राउंडअबाउट, भीकाजी कामा प्लेस और मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे का रास्ता भी प्रभावित हो सकता है। रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट, अशोका रोड-जंतर-मंतर रोड राउंडअबाउट, विंडसर पैलेस, टॉल्स्टॉय-जनपथ क्रॉसिंग, रेल भवन, जय सिंह रोड-संसद मार्ग क्रॉसिंग और कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल-बाराखंभा रोड टी-पॉइंट पर भी असर पड़ने की आशंका है। गोल डाकखाना, पटेल चौक, जय सिंह रोड-अशोका रोड टी-पॉइंट, RML अस्पताल राउंडअबाउट और कनॉट प्लेस आउटर सर्कल-संसद मार्ग टी-पॉइंट को भी एडवाइजरी में शामिल किया गया है। पुलिस ने लोगों से यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति देखने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक रास्ता अपनाने की सलाह दी है। प्रतिबंध और डायवर्जन हालात के अनुसार लागू किए जा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई
प्रदर्शन के दौरान लगाई गई पाबंदियों, मेट्रो और रेल सेवाओं पर असर तथा लोगों को हिरासत में लिए जाने से जुड़े आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट रविवार को सुनवाई करेगा। इन मामलों को लेकर दायर अवमानना याचिका पर विशेष पीठ विचार करेगी। सुनवाई में प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ सकते हैं।
विपक्ष की अगली रणनीति पर नजर
CJP ने रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच करने का ऐलान किया है। वहीं, सोमवार को INDIA गठबंधन की ओर से बड़े प्रदर्शन की तैयारी की खबर है। विपक्षी नेताओं से दिल्ली में मौजूद रहने का अनुरोध किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने दिल्ली में रुकने का फैसला किया है और सोमवार को विपक्षी गठबंधन के प्रदर्शन में शामिल होने की बात सामने आई है। अभिषेक बनर्जी के भी दिल्ली लौटने की तैयारी बताई जा रही है। दूसरी ओर, सोनम वांगचुक ने कहा है कि यदि CJP नेताओं को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह भी विरोध में उतरने को मजबूर होंगे। राजधानी में अगले दो दिन राजनीतिक गतिविधियां तेज रह सकती हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने भी जताई चिंता
दिल्ली में हुई गिरफ्तारियों पर संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने शनिवार को चिंता जताई थी। कार्यालय ने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की अपील की।












