नई दिल्ली: दिल्ली में कृषि भूमि के उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। कंझावला स्थित एसडीएम कार्यालय के सामने किसान संघर्ष समिति के धरने को दिल्ली पंचायत संघ ने समर्थन देकर किसानों की आवाज बुलंद की। धरने के 70 दिन पूरे होने पर संघ ने दिल्ली सरकार से दिवाली से पहले कृषि भूमि का सर्किल रेट बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने का निर्णय लेने की मांग की।
चौधरी सुधीर राज डबास की अध्यक्षता में धरना, किसान नेताओं ने उठाई आवाज
दिल्ली पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा कि किसानों का संघर्ष केवल मुआवजे की लड़ाई नहीं, बल्कि उनके अधिकार सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की लड़ाई है। धरने की अध्यक्षता चौधरी सुधीर राज डबास ने की। इस दौरान किसान नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष समस्याएं और मांगें रखने का भी उल्लेख किया गया।
पड़ोसी राज्यों से कम मुआवजे पर जताई नाराजगी, सर्किल रेट बढ़ाने की उठी मांग
थान सिंह यादव ने कहा कि दिल्ली के किसानों को पिछले कई दशकों से पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम मुआवजा मिलने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार को किसानों की पीड़ा समझते हुए कृषि भूमि का सर्किल रेट 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि उचित दर तय किए बिना किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण न किया जाए।
लाल डोरा से मुक्ति और मालिकाना हक की मांग, दिवाली से पहले राहत की अपील
दिल्ली पंचायत संघ ने गांवों को लाल डोरा और विस्तारित लाल डोरा से मुक्त कर मालिकाना हक देने, हाउस टैक्स से छूट, भवन उपनियमों से राहत और सभी गांवों को अधिसूचित व्यावसायिक श्रेणी में शामिल करने की मांग उठाई। साथ ही ग्राम सभा की कृषि भूमि को ग्रामीण विकास और जनसुविधाओं के लिए सुरक्षित रखने पर जोर दिया। थान सिंह यादव ने कहा कि केंद्र दिल्ली सरकार और नगर निगम में एक ही दल की सरकार होने से ग्रामीणों को लंबित मांगें पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने सरकार से दिवाली से पहले फैसला लेकर किसानों को राहत देने की अपील की।
Reported By: Pankaj Rai












