नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की खाकी ने एक बार फिर वर्दी के पीछे छिपे संवेदनशील इंसान का चेहरा सामने ला दिया। रोहिणी जिला पुलिस ने ऑपरेशन मिलाप के तहत तत्परता दिखाते हुए परिवार से बिछड़ी आठ वर्षीय मासूम बच्ची को महज एक घंटे के भीतर उसके परिजनों से मिलवा दिया। पुलिस की इस मानवीय पहल से परिवार की खुशियां लौट आईं।
कंझावला डिपो के पास अकेली मिली 8 वर्षीय बच्ची, पुलिस ने लिया सुरक्षित संरक्षण
रोहिणी जिला डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि 4 नवंबर को कंझावला डिपो के पास एक आठ वर्षीय बच्ची अकेली और असहाय हालत में मिली थी। इसकी सूचना पीसीआर कॉल के माध्यम से थाना कंझावला को प्राप्त हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक साहिल और महिला कांस्टेबल सोनिया की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित पुलिस संरक्षण में लिया।
तकनीकी निगरानी और स्थानीय सहयोग से एक घंटे में बच्ची को परिजनों से मिलाया
इसके बाद पुलिस टीम ने मानवीय सूचनाओं तकनीकी निगरानी और स्थानीय आरडब्ल्यूए सदस्यों के सहयोग से बच्ची के घर और परिवार की पहचान करने का अभियान शुरू किया। टीम की सूझबूझ, तेज कार्रवाई और बेहतर तालमेल का नतीजा रहा कि पीसीआर कॉल मिलने के महज एक घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
एसीपी की निगरानी में अभियान सफल, बच्चों की सुरक्षा के प्रति पुलिस ने दोहराई प्रतिबद्धता
पूरी कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त बेगमपुर सार्थक त्यागी की निगरानी में संपन्न हुई। वहीं रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अभियान में टीम ने बच्ची की पहचान सत्यापित करने और उसकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाई।












