नई दिल्ली: राजधानी के बेहद संवेदनशील नई दिल्ली इलाके में बुधवार को इंडिया अलायंस की ओर से केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात दिल्ली पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और कथित बदसलूकी के बाद अब पुलिस ने कानूनी कार्रवाई का शिकंजा कस दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने सरकारी कार्य में रुकावट पैदा करने पुलिस के निर्देशों की अवहेलना करने और बिना अनुमति सरकारी परिसर में प्रवेश करने के आरोपों को लेकर कई मामले दर्ज किए गए हैं।
तीन थानों में पहुंचा मामला, दर्ज हुईं कई एफआईआर
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली इलाके में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन को भी गंभीरता से लिया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू आदेशों के उल्लंघन के संबंध में संसद मार्ग थाने में दो और कनॉट प्लेस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इन मामलों में प्रदर्शन के दौरान की गई गतिविधियों, मौके पर मौजूद लोगों और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को खंगाल रही है।
धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा घेरे को पार करने और पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं करने को लेकर मौके पर तनाव की स्थिति बनी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और कथित बदसलूकी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है लेकिन संवेदनशील सरकारी परिसरों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या पुलिस के वैध निर्देशों की अनदेखी करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कैमरों की नजर में पूरा घटनाक्रम, वीडियो खंगाल रही पुलिस
अब पुलिस की जांच का सबसे अहम आधार घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे और प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो फुटेज हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उपलब्ध वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। फुटेज के जरिए उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की, सरकारी कार्य में बाधा डाली या प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन किया। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच रही है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को किस स्तर पर प्रभावित करने की कोशिश की गई और किन लोगों की भूमिका कानून के उल्लंघन में सामने आती है।
प्रदर्शन के बाद अब कार्रवाई का दौर
बुधवार को सड़कों पर राजनीतिक विरोध और नारेबाजी के बीच जिस घटनाक्रम ने तनाव पैदा किया, उसका अगला अध्याय अब पुलिस की एफआईआर और जांच के रूप में सामने आया है। तीन मामलों के दर्ज होने के बाद पुलिस वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
Reported by: Pankaj Rai












