हरियाणा: राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि युवा देश की संस्कृति, सभ्यता और भविष्य के कर्णधार हैं। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि अनुशासन, साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने तथा देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
रतिया में राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत
राज्यसभा सांसद सुभाष बराला शनिवार को रतिया स्थित गुरु नानक डिफेंस एंड स्पोर्ट्स एकेडमी में गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित सब-जूनियर एवं जूनियर नेशनल गतका चैंपियनशिप-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के 21 प्रदेशों से खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में विभिन्न प्रदेशों के खिलाड़ियों की सहभागिता को भारत की विविधता, सांस्कृतिक एकता और खेल भावना का प्रतीक बताते हुए उन्होंने आयोजन के लिए गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रयासों की सराहना की।
गतका को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा
राज्यसभा सांसद ने कहा कि गतका हमारी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जुड़ा पारंपरिक खेल है। ऐसे खेलों को प्रोत्साहित करने से नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और सभ्यता से परिचित होती है तथा उनमें अनुशासन, साहस, आत्मरक्षा और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार भारतीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े खेलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। भविष्य में भी इस दिशा में और अधिक प्रयास किए जाएंगे, ताकि पारंपरिक खेलों को व्यापक पहचान मिले और युवा पीढ़ी इनसे जुड़कर देश की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाए।
नशे से दूर रहने और खेलों को प्राथमिकता देने का संदेश
सुभाष बराला ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर खेलों, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है। नशे की लत अनेक परिवारों को उजाड़ने का कारण बनती है और सामाजिक विकास में भी बाधा उत्पन्न करती है। इसलिए आवश्यक है कि युवा स्वयं नशे से दूर रहें और अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान की जा सकती है और उन्हें स्वस्थ, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
पारंपरिक खेलों के आयोजन की सार्थकता
राज्यसभा सांसद ने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ने और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने के लिए इस प्रकार के आयोजन सार्थक पहल हैं। गतका जैसी पारंपरिक खेल विधाएं युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया और गुरु नानक डिफेंस एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के संयुक्त प्रयासों से आयोजित यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के साथ-साथ समाज में खेल संस्कृति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विभिन्न प्रदेशों के खिलाड़ियों की उपस्थिति और आभार
सांसद सुभाष बराला ने कहा कि प्रतियोगिता स्थल पर विभिन्न प्रदेशों से आए खिलाड़ियों की उपस्थिति से लघु भारत के दर्शन हो रहे हैं। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि देश की सांस्कृतिक परंपराओं को जानने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया का आभार व्यक्त किया तथा डॉ. राजेंद्र और बलविंदर सहित आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की।
Reported By: Rimpi Jindal












