दिल्ली पुलिस ने मानी राहुल गांधी की मांग, पेलेट गन मामले में FIR दर्ज करने को तैयार

0
7
Rahul Gandhi protest Delhi Police pellet gun complaint FIR
X - @INCIndia

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने आखिरकार पैलेट गन मामले में FIR दर्ज कर ली है। शुक्रवार को राहुल गांधी के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर धरने पर बैठने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। उस वक्त थाने के बाहर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेता पीड़ित छात्र के साथ धरने पर बैठे थे।

जब तक FIR नहीं, तब तक नहीं हटूंगा – थाने के बाहर डटे रहे राहुल गांधी   

इससे पहले दिन में राहुल गांधी ने साफ कहा था कि जब तक FIR दर्ज नहीं होगी, वे थाने से नहीं हटेंगे। राहुल 19 साल के साहिल लोचब के साथ पहले मंदिर मार्ग थाने गए थे, फिर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचकर नई दिल्ली जिले के DCP सचिन शर्मा से मिले।

राहुल का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उनसे कहा कि ऊपर से आदेश है इसलिए FIR दर्ज नहीं की जा सकती। DCP शर्मा से बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला तो राहुल थाने के अंदर ही धरने पर बैठ गए। उनके साथ पीड़ित साहिल और उसकी मां भी मौजूद थीं।

बाद में प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सीनियर कांग्रेस नेता भी धरने में शामिल हो गए। राहुल ने इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि वह न्याय से डर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ले मेरिडियन के पास भी प्रदर्शन कर राहुल के समर्थन में नारेबाजी की।

मेरी आंख की रोशनी अभी भी साफ नहीं – बोला पैलेट गन पीड़ित   

पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में पीड़ित साहिल लोचब ने अपनी आपबीती सुनाई। उसने कहा, 20 जुलाई को मुझ पर पैलेट गन से फायर किया गया। पहले मुझे लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया, फिर वहां से एम्स रेफर किया गया। एम्स में मेरी सर्जरी हुई है लेकिन अभी भी मेरी आंख की रोशनी साफ नहीं है। 14 अगस्त को मैंने 7 पेज की लिखित शिकायत अपने वकील के जरिए दी थी, लेकिन तब से FIR दर्ज नहीं हुई थी।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बर्बरता गंभीर अपराध – राहुल गांधी   

इससे पहले राहुल गांधी ने X पर हिंदी में पोस्ट कर कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ इस तरह की बर्बरता सिर्फ गैर-कानूनी नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है। उन्होंने लिखा था कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया, जिससे उसकी एक आंख की रोशनी खतरे में है। न तो गृह मंत्री अमित शाह ने इस क्रूरता पर कोई जवाब दिया है और न ही प्रधानमंत्री ने छात्रों से माफी मांगी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here