नई दिल्ली: जन्माष्टमी की पूजा में भगवान कृष्ण के अभिषेक से लेकर प्रसाद वितरण तक पंचामृत का विशेष महत्व होता है. पांच चीजों से तैयार होने वाला यह प्रसाद तभी स्वादिष्ट लगता है, जब सभी सामग्री सही मात्रा में मिलाई जाए. अक्सर अनुपात बिगड़ने से पंचामृत बहुत पतला या स्वाद में फीका हो जाता है. ऐसे में इसे बनाने का आसान 1:2:4:8:16 फॉर्मूला है, जिसे याद रखना भी बेहद आसान है.
सही अनुपात और माप का 1:2:4:8:16 फॉर्मूला
पंचामृत बनाते समय सामग्री की मात्रा को लेकर उलझन रहती है. प्रीति भलोटिया का बढ़ते क्रम वाला तरीका इस परेशानी को काफी आसान कर देता है.
1 चम्मच: गाय का शुद्ध देसी घी
2 चम्मच: शुद्ध शहद
4 चम्मच: बारीक मिश्री या चीनी
8 चम्मच: ताजा गाढ़ा दही
16 चम्मच: गाय का कच्चा दूध
बर्तन का चुनाव और बेस तैयार करना
सबसे पहले पंचामृत के लिए चांदी, पीतल या कांच का साफ बर्तन लें. इसमें एक चम्मच देसी घी डालें और फिर दो चम्मच शहद मिलाएं. दोनों चीजों को चम्मच से अच्छी तरह चलाएं, ताकि घी और शहद आपस में ठीक से मिल जाएं.
मीठा और दही मिलाना
अब इसमें शहद की मात्रा से दोगुनी यानी चार चम्मच बारीक पिसी मिश्री डालें. इसके बाद आठ चम्मच ताजा और गाढ़ा दही मिलाएं. दही ताजा होना जरूरी है, क्योंकि ज्यादा खट्टा दही पंचामृत के स्वाद को खराब कर सकता है.
कच्चा दूध डालना और मिक्सिंग
अगले चरण में दही की मात्रा से दोगुना यानी 16 चम्मच गाय का कच्चा और ठंडा दूध डालें. सभी सामग्री मिलाने के बाद चम्मच से करीब एक से दो मिनट तक लगातार चलाएं. मिश्रण को तब तक फेंटें, जब तक मिश्री अच्छी तरह घुल न जाए और पंचामृत एकसार न हो जाए.
तुलसी के पत्तों से दें फिनिशिंग
जब सभी सामग्री अच्छी तरह मिल जाए, तो आखिर में साफ पानी से धोकर दो से तीन ताजा तुलसी के पत्ते डालें. तुलसी डालने के बाद पंचामृत तैयार है. इस आसान अनुपात की मदद से जन्माष्टमी पर घर में स्वादिष्ट और संतुलित पंचामृत बनाया जा सकता है.












