
नई दिल्ली: रूस ने यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक बार फिर बड़ा हमला किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को बताया कि रूसी सेना ने देश के अलग-अलग हिस्सों में बिजली उत्पादन और सप्लाई से जुड़ी 15 से ज्यादा अहम फैसिलिटी पर हमला किया है। हमलों के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है और उसे बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है।
जेलेंस्की के मुताबिक, लुत्स्क, रिव्ने, झितोमिर, विनित्सिया, शेपेतिवका, स्लावुता और नेतिशिन जैसे शहरों में बिजली व्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा खारकीव, कीव और निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में भी एनर्जी ठिकानों पर हमले हुए हैं। इन हमलों से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा है।
12 घंटे में 320 से ज्यादा ड्रोन-मिसाइलें दागीं
यूक्रेनी प्रशासन ने बताया कि शुक्रवार शाम 7 बजे से शनिवार सुबह 7 बजे के बीच रूस ने 320 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। इसमें शाहेद ड्रोन के साथ क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं। जेलेंस्की ने कहा कि रूस सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली और हीटिंग सप्लाई को ठप करने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि लोगों पर दबाव बनाया जा सके।
उन्होंने सहयोगी देशों से एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य मदद बढ़ाने की अपील की है, ताकि ऐसे हमलों को रोका जा सके। साथ ही उन्होंने दिन-रात बिजली बहाल करने में जुटे कर्मचारियों का आभार जताया।
अमेरिका के फैसले पर जेलेंस्की ने उठाए सवाल
इस बीच जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले पर भी सवाल उठाए। अमेरिका ने 16 अक्टूबर को लिंडसे ग्राहम कानून के तहत रूस पर प्रस्तावित कड़े टैरिफ और प्रतिबंधों को लागू करने से छूट दे दी थी। जेलेंस्की ने कहा कि ऐसे समय में रूस पर आर्थिक दबाव कम करने से उसे युद्ध जारी रखने का हौसला मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब रूस लगातार यूक्रेन के नागरिक ठिकानों को निशाना बना रहा है, तब उस पर प्रतिबंधों में ढील देना गलत संदेश देता है।












