नई दिल्ली: रूस के तातारस्तान क्षेत्र के निज़नेकामस्क शहर में सोमवार को यूक्रेन की ओर से किए गए ड्रोन हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई हैं, जबकि 39 लोग घायल बताए जा रहे हैं. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन ने शहर के औद्योगिक और कुछ नागरिक इलाकों को निशाना बनाया. निज़नेकामस्क के मेयर रादमीर बेल्यायेव ने हमले में हुई मौतों और घायलों की जानकारी दी है.
तेल रिफाइनरी को भी बनाया निशाना
रूसी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में इलाके की एक बड़ी तेल रिफाइनरी भी प्रभावित हुई है. जानकारी के अनुसार, यह रूस की प्रमुख और आधुनिक तेल रिफाइनरियों में गिनी जाती है. सोशल मीडिया पर हमले के बाद के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें एक औद्योगिक परिसर के ऊपर से धुआं उठता दिखाई दे रहा है.
इतना ही नहीं, हमले में टाटनेफ्ट की TANECO रिफाइनरी को निशाना बनाए जाने की भी खबर है. यह वही रिफाइनरी है, जिस पर जून की शुरुआत में भी यूक्रेन की ओर से हमला किया गया था. यह संयंत्र रूस की बड़ी तेल प्रोसेसिंग यूनिट में शामिल है. आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में यहां करीब 1.7 करोड़ टन कच्चे तेल को प्रोसेस किया गया था. इससे करीब 27 लाख टन पेट्रोल और 85 लाख टन डीजल तैयार हुआ था.
हमले के बाद शोक की घोषणा
बता दें, हमले के बाद तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव ने शोक की अवधि घोषित की है. प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई गई है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है.
रूस की तेल सुविधाओं पर बढ़े हमले
पिछले कुछ महीनों में यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले तेज किए हैं. इन हमलों का असर रूस के कुछ हिस्सों में ईंधन की सप्लाई पर भी देखने को मिला है. कई जगहों पर पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें सामने आई थीं. हालांकि, रूसी अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दिक्कतों में से ज्यादातर को अब दूर कर लिया गया है. फिलहाल निज़नेकामस्क में हुए हमले के बाद नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है. इस हमले ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में तेल और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को लेकर बढ़ते तनाव को एक बार फिर सामने ला दिया है.












