नई दिल्ली: उम्र के इस पड़ाव पर जब किसी बुजुर्ग को सबसे ज्यादा जरूरत होती है भरोसे, सम्मान और सुरक्षा की, तब दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर खाकी और समाज के बीच संवेदनशील रिश्ते की तस्वीर पेश की। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2026 के अवसर पर आउटर जिला पुलिस की ओर से पुष्पांजलि एन्क्लेव, पीतमपुरा स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय परिसर में ‘आशीर्वाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 100 वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया और पुलिस अधिकारियों के साथ सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं सुझाव और अनुभव साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसीपी विक्रम सिंह, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मनोज कुमार ने की। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य और खुशहाली को बढ़ावा देना रहा।
साइबर ठगों से बचने का दिया मंत्र
आज के डिजिटल दौर में वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने के लिए विशेष साइबर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। पुलिस ने उन्हें ऑनलाइन ठगी संदिग्ध फोन कॉल, संदेश, लिंक और डिजिटल लेनदेन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने के लिए जागरूक किया गया।
कानूनी अधिकारों की भी खुली किताब
कार्यक्रम में कानूनी जागरूकता सत्र के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों और महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और उनकी शिकायतों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मनोज कुमार ने वरिष्ठ नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याओं और सुझावों को ध्यान से सुना तथा भरोसा दिलाया कि उठाए गए मुद्दों का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा।
12 बुजुर्गों के जन्मदिन पर खाकी बनी परिवार
कार्यक्रम का सबसे भावुक और खुशनुमा पल उस समय देखने को मिला, जब 12 वरिष्ठ नागरिकों के जन्मदिन मनाए गए। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान माहौल में अपनापन और खुशी साफ नजर आई। बुजुर्गों के चेहरों पर आई मुस्कान ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
30 वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण
वरिष्ठ नागरिकों के साथ लगातार बेहतर समन्वय और संपर्क बनाए रखने के उद्देश्य से पंजीकरण मेला भी लगाया गया। इसमें 30 वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण किया गया, ताकि पुलिस और वरिष्ठ नागरिकों के बीच निरंतर संवाद और संपर्क को और मजबूत किया जा सके।
सेहत का भी रखा ख्याल
कार्यक्रम में स्वास्थ्य जागरूकता वार्ता का आयोजन भी हुआ। वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली बनाए रखने से संबंधित उपयोगी जानकारी दी गई। पुलिस ने सुरक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को भी महत्वपूर्ण बताते हुए नियमित संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन एक वरिष्ठ नागरिक द्वारा कविता पाठ से हुआ। कविता में परिवार से जुड़े रहने, सामाजिक सौहार्द और बुजुर्गों के प्रति सम्मान का भावपूर्ण संदेश दिया गया। इस प्रस्तुति ने पूरे कार्यक्रम को भावनात्मक रंग दे दिया।

पार्क में भी पहुंची खाकी, ‘पार्क में चर्चा’ से सुनी बुजुर्गों की बात
आउटर जिला पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद को कार्यालय परिसर तक सीमित नहीं रखा। पश्चिम विहार ईस्ट के जिला पार्क में विशेष ‘पार्क में चर्चा’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। आउटर जिला के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह, आईपीएस, ने सहायक पुलिस आयुक्त, पश्चिम विहार तथा थाना प्रभारी, पश्चिम विहार के साथ वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान पार्कों में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था तथा बेहतर एवं सुरक्षित सार्वजनिक स्थान विकसित करने से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। वरिष्ठ नागरिकों ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। उन्होंने बीट स्टाफ की ओर से किए जा रहे कार्यों और जरूरत के समय मिलने वाली त्वरित सहायता की भी सराहना की।
सम्मान से सेवा तक खाकी का साफ संदेश
आउटर जिला पुलिस के इन दोनों कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता का भी विषय है। पुलिस की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के साथ निरंतर संपर्क, उनकी समस्याओं को सुनना, साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देना और सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने पर चर्चा करना इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
Reported by- Pankaj Rai












