नई दिल्ली: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है. दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के अधिकांश हिस्सों को कवर करने के बाद अब मॉनसून बिहार तक पहुंच चुका है. केरल में 4 जून को प्रवेश करने के बाद से इसकी गति अनुकूल बनी हुई है और महज एक सप्ताह के भीतर यह देश के 16 राज्यों तक फैल गया है. मौसम विभाग के अनुसार अब मॉनसून का अगला पड़ाव उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ है, जहां अगले दो से तीन दिनों के दौरान अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है.
कई राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
इस बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी दिखाई दे रहा है. दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया गया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 11 और 12 जून को अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले सप्ताह में उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक, आंधी, ओलावृष्टि और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 11 जून तक मॉनसून ने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और बिहार के अतिरिक्त हिस्सों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है. इसके अलावा केरल, गोवा, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों में मॉनसून सक्रिय हो चुका है. विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक इसके आगे बढ़ने के लिए मौसमीय परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं.
उत्तराखंड में मौसम ने ली करवट
उत्तराखंड में भी मौसम ने करवट ली है. देहरादून समेत कई जिलों में बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली. राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है.
हरियाणा के अंबाला सहित कई क्षेत्रों में गुरुवार सुबह हुई बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई. कई सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ. मौसम विभाग ने दिनभर बादल छाए रहने, गरज के साथ बौछारें पड़ने और तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की है.















