परिवर्तिनी एकादशी 2026: इस दिन करवट बदलते हैं भगवान विष्णु, जानें कौन से उपाय दिलाएंगे धन-समृद्धि

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Parivartini Ekadashi 2026
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नई दिल्ली: भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है, जिसे पद्मा एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी खास दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योग निद्रा के दौरान अपनी करवट बदलते हैं, इसलिए यह तिथि श्रीहरि की पूजा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस साल परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की आराधना करने और कुछ खास उपाय अपनाने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

चांदी के सिक्के से जुड़ा है खास उपाय- परिवर्तिनी एकादशी के दिन सबसे पहले भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। इसके बाद उन्हें एक चांदी का सिक्का अर्पित करें, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं में चांदी को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सिक्के पर लाल और पीले रंग का तिलक लगाकर भगवान की स्तुति करें। पूजा पूरी होने के बाद इस सिक्के को किसी साफ कपड़े में लपेटकर अपने पर्स या धन रखने की जगह पर रख सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में बरकत बनी रहती है।

पूजा में जरूर शामिल करें ये चीजें- इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में पीले और गुलाबी फूल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही पंचामृत और तुलसी दल भी चढ़ाना चाहिए, क्योंकि तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय मानी जाती है और इसके बिना उनकी पूजा अधूरी समझी जाती है। साथ ही माता लक्ष्मी की भी विधिवत पूजा करनी चाहिए। फूल, पंचामृत और तुलसी अर्पित करने के बाद धूप-दीप जलाकर आरती करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और घर पर उनकी विशेष कृपा बनी रहती है।

जरूरतमंदों की मदद करना भी है जरूरी- एकादशी के दिन व्रत और पूजा के साथ-साथ दान-पुण्य का भी बड़ा महत्व बताया गया है। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों को अन्न, जल, वस्त्र, जूते या अन्य जरूरी सामान दान किया जा सकता है। मान्यता है कि किसी की मदद करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। दान करते समय दिखावे से बचना चाहिए और सामने वाले की असली जरूरत को समझना चाहिए, क्योंकि श्रद्धा से किया गया छोटा सा सहयोग भी बड़ा पुण्य देता है।

विष्णु मंत्र का जाप लाता है शांति- चूंकि परिवर्तिनी एकादशी सीधे भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इस दिन उनके मंत्र का जाप करना बेहद फलदायी माना जाता है। सुबह स्नान के बाद पूजा करके शांत मन से ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके साथ ही विष्णु सहस्रनाम या भगवान से जुड़े अन्य स्तोत्रों का पाठ भी किया जा सकता है, जिससे मन को शांति मिलती है।

नारियल अर्पित कर करें मां लक्ष्मी की पूजा- इस दिन भगवान विष्णु को नारियल अर्पित करने की भी परंपरा है, क्योंकि सनातन धर्म में नारियल को शुभता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। नारियल चढ़ाने के बाद माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाकर उनकी आराधना करनी चाहिए। मान्यता है कि जहां विष्णु भगवान की पूजा होती है, वहां माता लक्ष्मी भी निवास करती हैं, इसलिए दोनों की साथ में पूजा करने से घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं रहती।

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