नई दिल्ली: दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में आरोपी शरजील इमाम को लेकर कड़कड़डूमा कोर्ट ने शनिवार को सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि शरजील ने अंतरिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। हालांकि राहत देते हुए कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेई की अदालत ने शरजील को शनिवार शाम तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
शादी समारोह के लिए मिली थी जमानत
दरअसल कोर्ट ने शरजील इमाम को अपने चचेरे भाइयों की शादी में शामिल होने के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक 7 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। जमानत देते समय कोर्ट ने साफ शर्त रखी थी कि इस दौरान वह मीडिया से कोई बातचीत नहीं करेंगे और न ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल करेंगे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दावा किया कि शरजील का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह मीडियाकर्मियों से बात करते नजर आ रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह अंतरिम जमानत की शर्त का सीधा उल्लंघन है।
कोर्ट ने क्यों नहीं रद्द की जमानत
हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि चूंकि शरजील को तय समय पर सरेंडर करना है, इसलिए फिलहाल उनकी जमानत रद्द नहीं की जा रही है। उन्हें शनिवार शाम तक जेल में आत्मसमर्पण करना होगा। बता दें, शरजील इमाम जनवरी 2020 से जेल में बंद है। उस पर CAA और NRC विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण देने और दिल्ली दंगों की साजिश रचने के कई मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ UAPA के तहत कार्रवाई की है।
अन्य कई मामलों में शरजील को जमानत मिल चुकी है, लेकिन दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश वाले केस में वह अब भी जेल में है। इस मामले में पुलिस ने आरोप लगाया है कि 2020 में हुए दंगों के पीछे सोची-समझी साजिश थी, जिसमें शरजील की अहम भूमिका थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद शरजील को आज शाम तक तिहाड़ जेल में वापस जाना होगा।












