लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी अब खुलकर दिखने लगी है। समाजवादी पार्टी के दोनों उम्मीदवार, प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवाणी, ने बुधवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस मौके पर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी उनके साथ मौजूद रहे। सपा ने कुछ दिन पहले ही इन दोनों नामों का ऐलान किया था। अब औपचारिक नामांकन के वक्त अखिलेश यादव खुद साथ खड़े दिखे, जिससे पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उम्मीदवारों को नेतृत्व का पूरा समर्थन हासिल है।
राजभर ने उठाया ‘पीडीए’ पर सवाल
नामांकन से पहले उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या सपा के उम्मीदवार उसके अपने पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले का प्रतिनिधित्व करते हैं। राजभर ने X पर लिखा कि उन्होंने सुना है कि अखिलेश तीन उम्मीदवार उतारने वाले हैं, तो क्या तीनों पीडीए से होंगे? उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि तीसरी सीट के चक्कर में सपा अपनी दूसरी सीट भी गंवा सकती है।
अखिलेश जी,
सुना है आप राज्यसभा के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में उतारने जा रहे हैं। ये बताइए, तीनों आपके “पीडीए” वाले होंगे या नहीं?
पहला तो प्रोफेसर साहब हैं। ये आपके पीडीए वाले “परिवार” से हो गए। अब “डी” और “ए” से कौन होगा? डी से कोई “दौलतमंद” होगा क्या? ए से कोई “अपराधी”?…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) September 30, 2026
चुनाव आयोग के मुताबिक 16 अक्टूबर को राज्यसभा की 11 सीटों के लिए मतदान होगा। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट है। दोनों राज्यों के मौजूदा सांसदों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। फिलहाल नामांकन की प्रक्रिया जारी है और उम्मीदवारों को आयोग के तय कार्यक्रम के भीतर इसे पूरा करना होगा।
चुनाव आयोग पर उठते सवाल
सपा का यह नामांकन ऐसे समय में हो रहा है, जब चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना जारी है। अखिलेश यादव पहले आरोप लगा चुके हैं कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा समर्थकों के वोट जानबूझकर कटवाए गए। उनका दावा था कि 2019 में वोट डालने वाले कई मतदाताओं को बिना सूचना और नियमों का पालन किए 2022 में मतदान का मौका नहीं मिला। गौरतलब है कि 2022 में भाजपा ने 403 में से 255 सीटें जीतकर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाई थी।












