How to Get Glowing Skin: आजकल धूल-मिट्टी, प्रदूषण और तनाव की वजह से चेहरे की प्राकृतिक चमक कम होने लगती है, इसे वापस पाने के लिए लोग अक्सर महंगे फेशियल और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनका असर ज्यादा समय तक नहीं रहता ऐसे में आपकी रसोई में मौजूद बेसन एक आसान और असरदार उपाय हो सकता है. लंबे समय से बेसन का इस्तेमाल त्वचा की सफाई और निखार के लिए किया जाता रहा है.
बेसन त्वचा के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक क्लींजर और स्क्रब की तरह काम करता है. वहीं, चेहरे पर निखार और चमक बढ़ाने के लिए बेसन के साथ चुकंदर का रस, दही और गुलाब जल का मिश्रण काफी फायदेमंद माना जाता है. अगर आप बेसन में चुकंदर का रस, कच्चा दूध या शहद जैसी प्राकृतिक चीजें मिलाकर पैक बनाते हैं और चेहरे पर लगाते हैं, तो यह त्वचा को अच्छी तरह साफ करने के साथ-साथ चेहरे पर गुलाबी और प्राकृतिक निखार भी लाने में मदद करता है. आइए जानते हैं इस पैक को बनाने का आसान तरीका, जिससे आपके चहरे की रौनक वापस आ जाएगी.
आवश्यक सामग्री:
2 बड़े चम्मच बेसन
1-2 चम्मच चुकंदर का रस (गुलाबी निखार के लिए) या कच्चा दूध
आधा छोटा चम्मच शहद (त्वचा को नमी देने के लिए)
जरूरत के अनुसार गुलाब जल
फेस पैक बनाने का आसान तरीका:सबसे पहले एक साफ कटोरी में 2 चम्मच बेसन लें इसमें चुकंदर का रस और शहद डालें फिर पेस्ट को मुलायम और आसानी से लगाने लायक बनाने के लिए
थोड़ा-थोड़ा गुलाब जल मिलाएं
सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक गाढ़ा और स्मूथ पेस्ट तैयार कर लें.फेस पैक लगाने से पहले अपने चेहरे को पानी या किसी हल्के फेस वॉश से अच्छी तरह साफ कर लें और फिर उसे सुखा लें.
अब तैयार बेसन का पैक चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं,
इसे लगाते समय आंखों के आसपास की जगह को छोड़ दें.
पैक को 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें,
जब तक यह थोड़ा सूख न जाए.
इसके बाद हाथों में थोड़ा पानी या गुलाब जल लेकर चेहरे पर 2 मिनट तक हल्के हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए मसाज करें, फिर चेहरे को सामान्य या ठंडे पानी से धो लें.बेहतर नतीजों के लिए इस फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में 2 बार करें, चेहरा धोने के बाद एलोवेरा जेल या कोई अच्छा मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं.
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है. किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है या कोई त्वचा संबंधी समस्या है, तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा.
















