नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के सतना जिले और धर्मनगरी चित्रकूट में कुदरत का भयानक कहर देखने को मिल रहा है। बीते कई घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने समूचे अंचल में जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा कर दी है। उफनती मंदाकिनी नदी प्रचंड रूप धारण कर खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। क्षेत्र में गोरगी बांध के अचानक टूटने से बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी बस्तियों की ओर फैल गया, जिसने तबाही की रफ्तार को और बढ़ा दिया। इस भयावह आपदा के कारण चित्रकूट के ऐतिहासिक रामघाट पर बना लगभग 300 मीटर लंबा पुल तेज बहाव में बह गया और किनारे की तमाम दुकानें जलमग्न हो गईं।
मंदिरों के रास्ते बंद, श्रद्धालु छतों पर कैद
धार्मिक महत्व वाले शहर चित्रकूट में स्थितियाँ पल-पल विकराल होती जा रही हैं। प्रसिद्ध सती अनुसुइया आश्रम समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों को जाने वाली सड़कें पानी में डूबने की वजह से पूरी तरह बंद कर दी गई हैं।
प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के जरिए बाहरी श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को निचले इलाकों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दे रहा है।
थम गया जनजीवन
बारिश का यह रौद्र रूप केवल नदियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सतना के नागौद, बिरसिंहपुर और मझगवां जैसे कस्बों में भी जलभराव की गंभीर नौबत पैदा हो गई है। बिरसिंहपुर की घनी आबादी वाले इलाकों में कमर तक पानी भर जाने से लोगों के घरों का कीमती सामान और अनाज पूरी तरह नष्ट हो चुका है।
नागौद पुलिस थाने के भीतर और सिंहपुर चौराहे पर बने पेट्रोल पंप में पानी घुस गया है, जिससे रोजमर्रा के काम ठप हो गए हैं। कलेक्ट्रेट को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग डूब जाने से वाहनों के पहिए थम चुके हैं और सड़कों पर अब गाड़ियों की जगह नावें चल रही हैं। कोठी क्षेत्र में एक कच्चे मकान के ढहने से दो बेजुबान मवेशियों की जान चली गई।
हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट
हालातों की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन और एसडीआरएफ की टीमें मैदान में उतर चुकी हैं। मकानों की छतों पर घिरे असहाय लोगों को बचाए रखने के लिए हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई रेस्क्यू चलाकर एयरलिफ्ट किया जा रहा है। जलप्रलय की इस मार से रेल नेटवर्क भी अछूता नहीं रहा; मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग और मझगवां के समीप पटरियों पर घुटनों तक पानी जमा होने से सिग्नल हरा होने के बावजूद ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा है।
मौसम विभाग का अलर्ट और 26 राज्यों पर खतरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में उपजे चक्रवाती परिसंचरण और मानसून ट्रफ लाइन के संयुक्त असर से रीवा संभाग में बारिश रुकने के आसार फिलहाल नहीं हैं। आगामी पांच दिनों तक तेज गरज-चमक के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज देश के 26 राज्यों में भारी बारिश और अंधड़ की चेतावनी दी है। इस बड़े अलर्ट की जद में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के राज्य शामिल हैं। स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।












