कर्नाटक में दोस्त को बचाने के लिए सेप्टिक टैंक में गया शख्स, दम घुटने से दोनों की गई जान; पुलिस की जांच जारी

हीरापुर में सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय दम घुटने से दो लोगों की मौत हो गई. अशोक नगर पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी गई है.

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wo friends died of suffocation while cleaning a septic tank in Kalaburagi Karnataka
wo friends died of suffocation while cleaning a septic tank in Kalaburagi Karnataka

कलबुर्गी: कर्नाटक के कलबुर्गी में एक साधारण घरेलू काम ने दो दोस्तों की जिंदगी छीन ली. हीरापुर इलाके के मद्रासनहल्ली में बुधवार सुबह शिवकुमार नंदुरकर अपने घर के सेप्टिक टैंक को साफ करने उतरे थे. जैसे ही वे अंदर गए, जहरीली गैसों ने उन्हें घेर लिया. बाहर से उनकी पुकार सुनकर दोस्त रतन होटकर तुरंत मदद के लिए कूद पड़े, लेकिन दुर्भाग्य से वे भी उसी टैंक में फंस गए. दोनों की दम घुटने से मौत हो गई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया.

दोस्ताना रिश्ते की कीमत

शिवकुमार (51) मद्रासनहल्ली के रहने वाले थे, जबकि रतन (58) इंदिरा नगर से थे. दोनों लंबे समय से अच्छे दोस्त थे और अक्सर साथ मिलकर ऐसे काम करते थे. पुलिस के मुताबिक, शिवकुमार सुबह टैंक में घुसे और बाहर नहीं निकले. रतन ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन जहरीली मीथेन गैस ने दोनों को जकड़ लिया. यह घटना दोस्ती की मिसाल तो है, लेकिन सुरक्षा की लापरवाही की चेतावनी भी देती है.

घटना का विवरण

घटना बाबालदा रोड के पास एक घर में हुई. शिवकुमार ने टैंक की सफाई शुरू की, लेकिन गहराई में जाकर बेहोश हो गए. रतन बाहर से उन्हें पुकारते रहे, फिर खुद अंदर उतर गए. कुछ ही मिनटों में दोनों की सांसें थम गईं. स्थानीय लोगों ने जब सूचना दी, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. राहत कार्य में देरी नहीं हुई, लेकिन बचाव संभव नहीं रहा.

पुलिस जांच शुरू

अशोक नगर पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल का निरीक्षण किया. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या कोई सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल किए गए थे या नहीं. अधिकारियों का कहना है कि सेप्टिक टैंक सफाई जैसे खतरनाक कामों में गैस मास्क और अन्य सावधानियां बरतनी चाहिए.

सुरक्षा की जरूरत पर जोर

यह घटना एक बार फिर मैनुअल सफाई के जोखिमों को उजागर करती है. कई बार लोग बिना किसी सुरक्षा के ऐसे काम करते हैं, जिससे ऐसी दुखद घटनाएं होती रहती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मशीनों और सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए. स्थानीय प्रशासन को भी जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि ऐसी मौतों को रोका जा सके. परिवार अब न्याय और सहायता की आस में हैं.

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