नोएडा: शादी का माहौल था, चारों तरफ रोशनी की चमक, डीजे की धुन पर थिरकते कदम और अपनों के साथ खुशियां मनाने का दौर चल रहा था। कोई डांस में मगन था तो कोई जाम और भीड़ के बीच समारोह का आनंद ले रहा था। इसी जश्न के बीच कई लोगों के कीमती स्मार्टफोन अचानक गायब हो गए। किसी की जेब से मोबाइल निकल गया तो किसी का फोन भीड़ में कहीं गुम हो गया। खुशियों के इस माहौल में कई परिवारों की चिंता बढ़ गई।
पुलिस की बरामदगी
लेकिन कहानी का अंत मायूसी के साथ नहीं हुआ। डीसीपी ग्रेटर नोएडा प्रवीण रंजन सिंह की निगरानी में एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह के नेतृत्व में नोएडा पुलिस ने अपनी सक्रियता और मेहनत से ऐसा कमाल कर दिखाया कि मोबाइल खोने वाले लोगों के चेहरे फिर खिल उठे। पुलिस ने कुल 151 स्मार्टफोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए।
मालिकों की खुशी
मोबाइल वापस मिलने पर लोगों की खुशी देखते ही बन रही थी। किसी के चेहरे पर मुस्कान थी तो कोई पुलिसकर्मियों का आभार जताता नजर आया। कई लोगों के लिए ये फोन केवल महंगा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि उनकी निजी यादों, तस्वीरों, संपर्कों और जरूरी जानकारियों का खजाना थे।
जनसेवा का उदाहरण
पुलिस की इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि आम नागरिक की छोटी-बड़ी परेशानी को गंभीरता से लेना ही असली जनसेवा है। समारोह की भीड़ में खोई उम्मीद को नोएडा पुलिस ने अपनी मेहनत से दोबारा जिंदा कर दिया। नोएडा पुलिस की इस पहल ने एक बार फिर खाकी का मान बढ़ाया और लोगों के दिलों में भरोसे की नई रोशनी जगाई।












