लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में तलाश की जा रही श्रद्धा दुबे आखिरकार महाराष्ट्र के नागपुर में पुलिस की पकड़ में आ गई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी से दो दिन पहले 18 अक्टूबर को वह लखनऊ के एक मॉल के बेसमेंट में मीडिया से बातचीत करने पहुंची थी। पुलिस भी वहां पहुंची, लेकिन उसके हाथ आने से पहले ही वह निकल गई। इसके बाद उसने शहर छोड़ दिया और कई साधनों से सफर करते हुए नागपुर पहुंची। उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) की टीम भी उसके संभावित रास्तों की जांच में जुटी रही और नागपुर में स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे हिरासत में लिया गया।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश के मुताबिक, आरोपी ने अपनी यात्रा के दौरान वाहन और ठिकाने बदले, जिससे उसका पता लगाने में चुनौती आई। हालांकि, पुलिस ने उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्ड, टोल प्लाजा के फुटेज और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी को जोड़कर उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की। रिपोर्ट में गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लिए जाने की बात भी कही गई है।
लखनऊ से निकलकर कानपुर के रास्ते नागपुर पहुंची
एसटीएफ प्रमुख के अनुसार, लखनऊ से निकलने के बाद श्रद्धा दुबे ने पहले टैक्सी ली और कानपुर की ओर रवाना हुई। वहां पहुंचने पर उसने पहली गाड़ी छोड़ दी और दूसरी टैक्सी से आगे का सफर किया। बताया गया है कि दूसरी गाड़ी उसे नागपुर तक लेकर गई, लेकिन उसने उस वाहन से सीधे अपने नए ठिकाने तक जाने के बजाय बस अड्डे के आसपास उतरना चुना।
इसके बाद वह ई-रिक्शा से आगे बढ़ी। जांच एजेंसियों के लिए यह बदलाव अहम कड़ी बना, क्योंकि नागपुर पहुंचने के बाद पहले इस्तेमाल किए गए वाहन से उसके आगे के ठिकाने का पता नहीं चल पा रहा था। पुलिस ने अन्य उपलब्ध सूचनाओं के सहारे तलाश जारी रखी।
कैमरों की रिकॉर्डिंग से मिली यात्रा की जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ से उसके निकलने की सूचना मिलने के बाद एसटीएफ ने रास्ते में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। इससे पहली टैक्सी के बारे में जानकारी मिली और टीम कानपुर तक पहुंची। वहां आगे की फुटेज देखने पर दूसरी गाड़ी से यात्रा करने के संकेत मिले।
इसके बाद रास्ते के टोल प्लाजा और अन्य स्थानों के सीसीटीवी रिकॉर्ड की जांच की गई। इन सुरागों के आधार पर पुलिस नागपुर पहुंची। जब वाहन से जुड़े रिकॉर्ड से आगे की जानकारी नहीं मिली, तब जांचकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने और मैन्युअल सर्विलांस का सहारा लिया।
ई-रिक्शा से जुड़े सुराग के बाद हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ प्रमुख के मुताबिक, जांच में यह जानकारी सामने आई कि नागपुर बस अड्डे से श्रद्धा ई-रिक्शा में बैठकर आगे गई थी। इसके बाद टीम ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी की मदद से उसके संभावित ठिकाने तक पहुंचने का प्रयास किया। आखिरकार स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड हासिल की गई। अब यूपी एसटीएफ उसे सड़क मार्ग से लखनऊ ला रही है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जानी है। पुलिस जरूरत पड़ने पर उससे हिरासत में पूछताछ के लिए अदालत से अनुमति मांग सकती है।
क्या है शिवा शर्मा की मौत का मामला?
मामला लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र स्थित बालू अड्डा के अवध ग्रीन अपार्टमेंट से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, 9 अक्टूबर की रात कारोबारी शिवा शर्मा इमारत की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे और उनकी मौके पर मौत हो गई थी। शव मिलने के बाद उनकी मां ने श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस मामले की परिस्थितियों और आरोपों की जांच कर रही है।
गिरफ्तारी से पहले घोषित हुआ था इनाम
श्रद्धा के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में मामला एसटीएफ को सौंपा गया और इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। अब नागपुर में गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला चरण लखनऊ में आगे बढ़ेगा। हत्या के आरोपों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।












