नई दिल्ली: दिल्ली की भागदौड़, भीड़ और महंगे खर्चों से दूर जाकर क्या महज 32 हजार रुपये महीने में परिवार के साथ सुकून से रहा जा सकता है? सिक्किम के एक छोटे से गांव में रहने वाली 37 साल की महिला ने इसकी मिसाल पेश की है। करीब 20 साल दिल्ली में बिताने के बाद वह पति, दो बेटियों और पालतू कुत्ते के साथ राजधानी छोड़कर गांव में बस गईं। महिला ने सिक्किम पहुंचकर एक पुश्तैनी घर को अपना ठिकाना बनाया। यह मकान करीब 10 साल से खाली पड़ा था। परिवार ने इसे फिर से रहने लायक बनाया। गांव में शिफ्ट होने के छह महीने बाद महिला ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर अपनी नई जिंदगी और महीनेभर के खर्च का हिसाब बताया।
महिला के मुताबिक, परिवार का कुल मासिक खर्च करीब 32 हजार रुपये है। इसमें सबसे ज्यादा रकम खाने-पीने और जरूरी सामान पर खर्च होती है। किराने और ग्रॉसरी के लिए हर महीने लगभग 15 हजार रुपये जाते हैं। गांव में खेतों से मिलने वाली ताजी सब्जियां उनके लिए इस जीवनशैली का बड़ा फायदा हैं। बच्चियों की पढ़ाई और स्कूल आने-जाने पर करीब 7 हजार रुपये खर्च होते हैं। बिजली का बिल 500 से 700 रुपये के बीच रहता है। कपड़े धुलवाने और दूसरी छोटी जरूरतों के लिए लगभग 3 हजार रुपये लगते हैं। पेट्रोल और अन्य ईंधन के लिए करीब 1 हजार रुपये रखे जाते हैं।
घूमने-फिरने के लिए भी तय है बजट
परिवार दोस्तों के साथ बाहर समय बिताने और घूमने-फिरने पर हर महीने करीब 5 हजार रुपये खर्च करता है। हालांकि, गांव के आसपास कई खूबसूरत जगहें हैं। परिवार अक्सर पैदल ही वहां पहुंच जाता है और प्रकृति के बीच समय बिताता है।
पुश्तैनी घर से बच रहा किराया
कम बजट में गुजारा कर पाने की बड़ी वजह परिवार का अपना मकान है। दिल्ली में किराया हर महीने का बड़ा खर्च होता है, जबकि सिक्किम में उन्हें घर के लिए कोई रकम नहीं देनी पड़ती। इससे जरूरतें कम खर्च में पूरी हो पा रही हैं। महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को पसंद आ रहा है। यूजर्स ने गांव के शांत वातावरण, साफ हवा-पानी और ताजी सब्जियों की तारीफ की। एक यूजर ने सिक्किम को शानदार जगह बताते हुए ऑर्गेनिक सब्जियों को बड़ी नेमत कहा। दूसरे ने लिखा कि साफ हवा और पानी मिलना अपने आप में खुशकिस्मती है।












