टोक्यो। जापान में रविवार, 8 नवंबर 2026 की सुबह आए 5.7 तीव्रता के भूकंप ने मध्य जापान के बड़े हिस्से को हिलाकर रख दिया। भूकंप के तेज झटकों से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कम से कम 22 लोग घायल हो गए। घायलों में कई लोग भूकंप से बचने के लिए जल्दबाजी में सीढ़ियों से उतरते समय गिरकर चोटिल हुए, जबकि कुछ लोगों को घरों और दुकानों में सामान गिरने से सिर पर चोटें आईं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
शिजुओका प्रांत में था भूकंप का केंद्र, 40 किलोमीटर गहराई में दर्ज हुई हलचल
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह 1 बजकर 4 मिनट पर शिजुओका प्रांत के पश्चिमी हिस्से में भूकंप आया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.7 मापी गई, जबकि भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 40 किलोमीटर की गहराई में था। इस भूकंप का असर मध्य जापान के कई क्षेत्रों में महसूस किया गया। आइची प्रांत के चिता शहर में सबसे अधिक तीव्रता दर्ज की गई, जो जापान के भूकंप तीव्रता पैमाने पर ‘5 स्ट्रांग’ स्तर तक पहुंच गई।
दुकानों के शीशे टूटे, जमीन पर बिखरा सामान
भूकंप के कारण कई इलाकों में संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। जापानी टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित तस्वीरों में दुकानों की कांच की खिड़कियां टूटी हुई दिखाई दीं। सड़कों पर शीशे के टुकड़े बिखरे नजर आए। वहीं, एक किताबों की दुकान में भूकंप के झटकों से अलमारियों में रखी किताबें नीचे गिर गईं। अचानक आए झटकों के कारण लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
बुलेट ट्रेन की रफ्तार घटी, कई रेल सेवाएं प्रभावित
भूकंप का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तोकाइदो शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) ने शिजुओका और गिफू के बीच धीमी गति से परिचालन शुरू किया। इसके चलते कुछ ट्रेनों में देरी हुई। वहीं, कुछ पारंपरिक रेल लाइनों पर दिन की पहली ट्रेन से ही सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा जांच के बाद परिचालन व्यवस्था को सामान्य बनाने के प्रयास शुरू किए।
आपातकालीन संपर्क कार्यालय, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भूकंप के तुरंत बाद जापानी सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करने और राहत कार्यों में समन्वय स्थापित करने के लिए आपातकालीन संपर्क कार्यालय बनाया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चेतावनी दी कि अगले दो से तीन दिनों में इसी तीव्रता के और भूकंप आ सकते हैं। इसके अलावा अगले एक सप्ताह तक अधिकतम ‘5 स्ट्रांग’ स्तर के झटके आने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ननकाई ट्रफ के बड़े भूकंप से सीधा संबंध नहीं
वैज्ञानिकों के शुरुआती विश्लेषण के अनुसार, फिलहाल इस भूकंप का ननकाई ट्रफ में संभावित बड़े भूकंप से कोई सीधा संबंध दिखाई नहीं देता। हालांकि अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को भूकंप के बाद पैदा होने वाले द्वितीयक खतरों, जैसे भूस्खलन और चट्टानों के गिरने की घटनाओं से सावधान रहने को कहा है। प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और घायलों का उपचार जारी है।












