नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने ई-रिक्शा चालकों की चिंता बढ़ा दी है. दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग मोबाइल में BAT-BMS जैसे ऐप का इस्तेमाल कर चलते हुए बैटरी रिक्शों को ब्लूटूथ के जरिए लॉक कर रहे हैं. इस वजह से सड़क पर अचानक ई-रिक्शा बंद हो जा रहे हैं और चालक परेशान नजर आ रहे हैं. कई वायरल वीडियो में रिक्शा चालक मदद की गुहार लगाते और भावुक होते भी दिखाई दे रहे हैं.
रोज कमाने वालों पर पड़ रहा असर
ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले चालकों के लिए यह कथित प्रैंक बड़ी परेशानी बन गया है. अचानक वाहन बंद होने से सवारी बीच रास्ते में उतर जाती है और चालकों का समय व कमाई दोनों प्रभावित होते हैं. सोशल मीडिया पर लोग इसे गरीबों की रोजी-रोटी से खिलवाड़ बताते हुए ऐसे ऐप पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर बैन की मांग तेज
कई यूजर्स ने एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह के ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है. लोगों का कहना है कि मनोरंजन या प्रैंक के नाम पर किसी की आजीविका को नुकसान पहुंचाना गलत है. कई पोस्ट में सरकार से ऐसे ऐप्स की जांच कराने और जरूरत पड़ने पर उन्हें बैन करने की अपील की गई है.
कैसे किया जा रहा है इस्तेमाल?
वायरल दावों के मुताबिक, कुछ लोग मोबाइल ऐप डाउनलोड कर ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट हो जाते हैं. इसके बाद वाहन को लॉक कर दिया जाता है, जिससे रिक्शा चलना बंद हो जाता है. कुछ वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि जिस फोन से रिक्शा लॉक किया गया है, उसी फोन से उसे दोबारा चालू भी किया जा सकता है. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
सावधानी और जांच की जरूरत
यदि इस तरह की तकनीक का दुरुपयोग हो रहा है तो इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए. साथ ही ई-रिक्शा निर्माताओं को भी अपने सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करनी होगी, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति ब्लूटूथ के जरिए वाहन तक पहुंच न बना सके. वहीं, लोगों से भी अपील की जा रही है कि किसी की आजीविका से जुड़े ऐसे प्रैंक करने से बचें.












